उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों की मरम्मत के लिए केंद्र से ₹461 करोड़ की प्राधिकरण

रैबार डेस्क:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार एवं... The post उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों की मरम्मत के लिए केंद्र से मिली ₹461 करोड़ की स्वीकृति appeared first on Uttarakhand Raibar.

Apr 5, 2026 - 09:27
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उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों की मरम्मत के लिए केंद्र से ₹461 करोड़ की प्राधिकरण
रैबार डेस्क:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार एव

उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों की मरम्मत के लिए केंद्र से ₹461 करोड़ की प्राधिकरण

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों की मरम्मत के लिए केंद्र से ₹461 करोड़ की स्वीकृति मिल गई है, जो राज्य की सड़क अवसंरचना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में यह पुष्टि की कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में भूस्खलन से प्रभावित स्थलों के उपचार कार्यों के लिए ₹461 करोड़ की राशि का अनुमोदन किया है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को इस सकारात्मक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया। राज्य के लिए यह एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय माना जा रहा है, जिसका सीधा असर यातायात की सुरक्षा पर पड़ेगा और सड़क अवसंरचना को मजबूती देगा।

केंद्र सरकार द्वारा दी गई राशि का वितरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्वीकृति के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-134 पर भूस्खलन से प्रभावित 17 स्थलों के उपचार के लिए ₹233 करोड़ और पिथौरागढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के तवाघाट-घटियाबागड़ खंड पर 3 संवेदनशील स्थलों के लिए ₹228 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। यह निर्णय न केवल आपदा जोखिम को कम करने में सहायक होगा, बल्कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन को भी सुगम बनाएगा।

प्रधान मार्गों को मिलने वाली स्थिरता

राष्ट्रीय राजमार्ग-134, जो कि चारधाम यात्रा का एक प्रमुख मार्ग है, धरासू एवं कुठनोरी से यमुनोत्री धाम को जोड़ता है। यह मार्ग भूस्खलन के लिए अत्यंत संवेदनशील है, जिसके कारण कई बार यातायात बाधित हो जाता है और यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के बाद इस मार्ग की स्थिरता बढ़ेगी, जिससे चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी। यह धार्मिक पर्यटकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

सीमांत क्षेत्रों में निर्बाध संपर्क

मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर तवाघाट-घटियाबागड़ खंड में भूस्खलन संभावित स्थलों के उपचार से सीमांत क्षेत्रों तक निर्बाध संपर्क स्थापित होगा। जिससे स्थानीय निवासियों को भी राहत मिलेगी। सामरिक दृष्टि से यह मार्ग भी काफी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों की सराहना की और कहा कि उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह स्वीकृति प्रदेश के समग्र विकास के लिए एक प्रमुख कदम है जिसका पर्यटन और आपदा प्रबंधन क्षमता पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

अंत में, यह निर्णय न केवल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायक होगा, बल्कि पर्यटकों को भी उत्तराखंड की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करने का मौका प्रदान करेगा।

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सादर, टीम इंडिया टुडे, राधिका शर्मा

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