उत्तराखंड SIR अभियान: 15 दिनों में मंडलायुक्तों की फील्ड विजिट और जिलों में कैंप
देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान को लेकर निर्वाचन विभाग ने निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर SIR अभियान की समीक्षा की। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोनों […] The post SIR अभियान: अगले 15 दिन मंडलायुक्त करेंगे फील्ड विजिट, जिलों में करेंगे कैंप first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड SIR अभियान: 15 दिनों में मंडलायुक्तों की फील्ड विजिट और जिलों में कैंप
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कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड में SIR अभियान के तहत निर्वाचन विभाग ने निगरानी प्रक्रिया को तेज कर दिया है, और मंडलायुक्तों को जिलों में फील्ड कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण, जिसे SIR अभियान कहा जाता है, के अंतर्गत निर्वाचन विभाग ने निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बैठक कर SIR अभियान की समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने मंडलायुक्तों को अगले 15 दिनों तक आवंटित जिलों में कैंप स्थापित कर फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, सभी जिलाधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों को दावों और आपत्तियों के चरण में प्राप्त आवेदनों की सुपर चेकिंग और क्रॉस वेरिफिकेशन करने का भी निर्देश दिया गया है।
दोनों मंडलायुक्तों की जिम्मेदारियां
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आदेशानुसार, आयुक्त कुमाऊं नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में कैंप करेंगे। वहीं, आयुक्त गढ़वाल देहरादून और हरिद्वार में फील्ड विजिट करेंगे। दोनों मंडलायुक्त आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार बूथों का निरीक्षण और सत्यापन करेंगे, खासकर उन बूथों पर जहां मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिए अधिक संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं।
फॉर्म 6 और फॉर्म 7 वाले बूथों पर खास निगरानी
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि उन बूथों पर जहां फॉर्म-6 के तहत नाम जोड़ने के आवेदन 4 प्रतिशत से अधिक हैं और फॉर्म-7 के तहत नाम हटाने के आवेदन 2 प्रतिशत से अधिक हैं, वहां विशेष निगरानी की जाएगी। इन बूथों पर ईआरओ यानी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी प्राप्त आवेदनों का क्रॉस वेरिफिकेशन करेंगे।
फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया जाता है, जबकि फॉर्म-7 का इस्तेमाल नाम हटाने के लिए किया जाता है। फॉर्म-8 का उपयोग मतदाता सूची में संशोधन या अन्य संबंधित बदलाव के लिए किया जाता है।
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को रैंडम फील्ड विजिट और बूथों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य SIR अभियान के तहत प्राप्त दावों और आपत्तियों की जमीनी स्तर पर जांच करना है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से जुड़े सभी आवेदनों की नियमानुसार जांच हो और उनका निस्तारण तय समय सीमा के भीतर किया जाए।
दावों और आपत्तियों के निस्तारण पर जोर
बैठक के दौरान, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच कर समय पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दावों और आपत्तियों के निस्तारण में निर्धारित समय सीमा का पालन किया जाए और सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही न हो।
SIR अभियान में फील्ड मॉनिटरिंग में बढ़ोतरी
मंडलायुक्तों के कैंप और जिलाधिकारियों के औचक निरीक्षण के साथ, अब SIR अभियान में फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ने जा रही है। खासतौर पर उन बूथों पर जहां अधिक संख्या में नाम जोड़ने या हटाने वाले आवेदनों का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, और सभी जिलाधिकारी भी उपस्थित थे।
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साभार, श्रीमती सुमिता शर्मा, टीम इंडिया ट्वोडे
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