मुख्यमंत्री धामी ने मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन की दी निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईटी पार्क, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में अधिकारियों को प्रभावी आपदा प्रबंधन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे संवेदनशील राज्य में आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान संभावित […]

Jul 3, 2026 - 00:27
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मुख्यमंत्री धामी ने मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन की दी निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईटी पार्क, देहरादून में आयोजित राज्य स्तर

मुख्यमंत्री धामी ने मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन की दी निर्देश

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कम शब्दों में कहें तो: राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन को राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और सुरक्षित प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईटी पार्क, देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों को प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए विस्तृत निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के कारण आपदा प्रबंधन केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, त्वरित निर्णय, बेहतर समन्वय, और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के महत्व पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन तंत्र की क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह केवल एक बानगी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच उचित समन्वय, संचार व्यवस्था, और राहत एवं बचाव की वास्तविक क्षमता का व्यापक परीक्षण करने का अवसर है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि आपदा प्रबंधन की प्रक्रिया को राहत और बचाव तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी और तकनीक आधारित प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ए.आई. आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं। जिससे कि संभावित खतरों का समय पर आकलन किया जा सके और जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। इसके साथ-साथ, आपातकालीन स्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को और सशक्त बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने जल स्रोत संरक्षण, ग्लेशियर अध्ययन, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण, और जन जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर दिया, जिससे कि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम किया जा सके। उनका कहना था कि पर्यावरण का संरक्षण आपदाओं के जोखिम को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसके अतिरिक्त, मॉक ड्रिल के दौरान मिलते अनुभवों का गहरा विश्लेषण करने के लिए सभी जनपदों को 72 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट हरिद्वार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य आपदा प्रबंधन योजना और जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं का विमोचन किया। इसके अंतर्गत, सभी जनपदों की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विशिष्ट योजनाएं तैयार की गई हैं, जो आपात अवस्था में प्रशासन को सक्षम रूप से कार्यविधि करने में मदद करेंगी।

अधिनियम और आधुनिक उपकरण: मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं अग्निशमन विभाग द्वारा लगाए गए राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें विभिन्न प्रकार के अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया गया, जैसे डीप डाइविंग सेट, नाइट विजन कैमरा, और थर्मल इमेजिंग कैमरा।

मॉक ड्रिल की लाइव निगरानी: मुख्यमंत्री ने राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से मॉक ड्रिल की लाइव निगरानी करते हुए सभी जनपदों से ताजा जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित सूचनाओं और सावधानियों के लिए जन संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने इन महत्वपूर्ण निर्देशों के माध्यम से पुनः स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता, और जनविश्वास सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में सभी संचालनों में स्पष्टता और ईमानदारी को बनाए रखना आवश्यक है।

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— Team India Twoday, संध्या राठी

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