वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर भाजपा विधायक की टिप्पणी से कांग्रेस में हड़कंप, माफी की मांग

देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा के लैंसडाउन विधायक दिलीप रावत द्वारा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को लेकर की गई कथित टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश …

Jul 4, 2026 - 09:27
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वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर भाजपा विधायक की टिप्पणी से कांग्रेस में हड़कंप, माफी की मांग
देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर भाजपा विधायक की टिप्पणी से कांग्रेस में हड़कंप, माफी की मांग

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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने भाजपा विधायक दिलीप रावत की वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के संबंध में की गई टिप्पणी की तीव्र निंदा की है और उनसे माफी मांगने की अपील की है।

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर राजनीति गरमाने लगी है, जब भाजपा के लैंसडाउन विधायक दिलीप रावत ने स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने तीखा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली केवल उत्तराखंड का ही नहीं, बल्कि संपूर्ण देश का गौरव हैं और उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

धस्माना ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की सोच ही उन्हीं विचारों से प्रभावित होती है, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं दिया और जिन्होंने अंग्रेजों का साथ दिया।" यह बयान स्पष्ट रूप से भाजपा विधायक के प्रति उनके असंतोष को दर्शाता है।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का योगदान

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का जन्म 25 दिसंबर 1891 को गढ़वाल क्षेत्र में हुआ। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन गिने-चुने सेनानियों में से हैं जिन्होंने अपने देश के लिए लंबी अवधि तक कारावास की सजा भोगी। उन्होंने रॉयल गढ़वाल राइफल्स में भर्ती होकर एक साहसी हवलदार मेजर के रूप में कार्य किया।

सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि 23 अप्रैल 1930 को पेशावर में एक ऐतिहासिक घटना घटी, जब निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया। उस समय वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने अपने साथियों को गोली न चलाने के लिए कहा, जिससे अंग्रेजी हुकूमत को झटका लगा। इस साहसी निर्णय के लिए उन्हें कोर्ट मार्शल किया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

जेल में बिताए गए दिन और महात्मा गांधी से मुलाकात

धस्माना ने आगे कहा, "वीर चंद्र सिंह गढ़वाली ने विभिन्न जेलों में लगभग 11.5 वर्ष बिताए। रिहाई के बाद, वे महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े और एक बार फिर से जेल गए।" इस दौरान उन्होंने प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों जैसे महात्मा गांधी, पंडित नेहरू और नेताजी सुभाष चंद्र बोस से भी मुलाकात की।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता के आंदोलन में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और गढ़वाली ने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

माफी की मांग

कांग्रेस नेता धस्माना ने भाजपा नेतृत्व से मांग की है कि वे अपने विधायक की आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए प्रांत और देश की जनता से माफी मांगे और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ऐसा न करने पर कांग्रेस पार्टी इसे गंभीरता से लेगी और उचित कदम उठाएगी।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का महत्व केवल उत्तराखंड में ही सीमित नहीं है, बल्कि वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक हैं। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

इसके परिणामस्वरूप, यह देखना होगा कि क्या भाजपा विधायक दिलीप रावत अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे, या राजनीतिक तनाव और बढ़ेगा।

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धन्यवाद,
टीम इंडिया टुडे (नीतू शर्मा)

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