ईरान के लिए ट्रंप की चेतावनी: 'गंभीर हो जाओ, नहीं तो कोई रास्ता नहीं' - 5 शर्तें
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरानी वार्ताकारों को तुरंत गंभीर (serious) होना चाहिए, वरना पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं बचेगा और स्थिति “बहुत खराब” हो जाएगी। ट्रंप ने गुरुवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि ईरानी वार्ताकार “गिड़गिड़ा …
ईरान के लिए ट्रंप की चेतावनी: 'गंभीर हो जाओ, नहीं तो कोई रास्ता नहीं' - 5 शर्तें
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कम शब्दों में कहें तो: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि ईरानी वार्ताकारों को जल्द गंभीर होना चाहिए, वरना स्थिति "बहुत खराब" हो जाएगी।
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरानी वार्ताकारों को तुरंत गंभीर (serious) होना चाहिए, अन्यथा उनके लिए पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। ट्रंप ने यह बातें अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कही, जहाँ उन्होंने दावा किया कि ईरानी वार्ताकार "गिड़गिड़ा रहे हैं" और एक समझौते के लिए बेताब हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से केवल प्रस्ताव देखने की बात कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा:
“ईरानी वार्ताकार बहुत अलग और ‘अजीब’ हैं। वे हमसे डील करने के लिए ‘गिड़गिड़ा’ रहे हैं… उन्हें जल्द ही सीरियस होना चाहिए, वरना बहुत देर हो जाएगी। एक बार ऐसा हो गया तो पीछे मुड़ने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा और यह अच्छा नहीं होगा!”
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव
ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे अप्रत्यक्ष वार्ताओं में तनाव चरम पर है। हाल ही में, ईरान ने अमेरिका के 15-पॉइंट शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया और इसके बदले खुद 5 शर्तें रखी हैं। चलिए, जानते हैं ईरान की ये शर्तें क्या हैं:
ईरान की 5 प्रमुख शर्तें:
- अमेरिका और इजराइल द्वारा सभी आक्रामक कार्रवाइयों और हत्याओं को तुरंत बंद करना।
- भविष्य में फिर से हमले न होने की ठोस गारंटी और सुरक्षा तंत्र।
- युद्ध के नुकसान की भरपाई और मुआवजा (reparations)।
- सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, जिसमें प्रतिरोधी समूह भी शामिल हों।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता सुनिश्चित करना।
ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को "इच्छा सूची" करार देते हुए इसे ठुकरा दिया है। यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान युद्ध के लगभग चार सप्ताह पहले आया। ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर व्यापक हवाई हमले किए हैं, जिससे ईरान की मिसाइल क्षमता, रक्षा उद्योग और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ट्रंप ने पहले ही कहा था कि ईरान "militarily obliterated" हो चुका है और उसके पास वापसी का कोई मौका नहीं रह गया है।
ट्रंप का सख्त रुख
हाल ही में, ट्रंप ने ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों को 5 दिनों के लिए स्थगित किया था ताकि बातचीत आगे बढ़ सके। लेकिन अब उन्होंने ईरान को "जल्द सीरियस" होने के लिए चुनौती दी है। ईरानी पक्ष ने अभी तक ट्रंप के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, हालाँकि उन्होंने पहले किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता से इनकार किया था।
ट्रंप का यह बयान एक ओर दबाव बढ़ाने की रणनीति महाशक्ति के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह ईरान की 5 शर्तों को खारिज करने का संकेत भी है। यह सभी घटनाक्रम इस बात की निक्षेपण करता है कि क्षेत्रीय तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के कारण वैश्विक तेल बाजार पहले से ही प्रभावित हो रहे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच हो रही इस वार्ता में स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है, जहाँ दोनों देशों के भविष्य को लेकर बहुतेरे सवाल उठ रहे हैं। आगे की स्थिति क्या होगी, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन इस प्रकार की चेतावनी से स्पष्ट होता है कि तनाव अब पहले से कहीं अधिक बढ़ चुका है।
इसके साथ ही, हम ईरान के साथ अमेरिका की नवीनतम चुनौतियों पर नज़र रखेंगे। अधिक अपडेट के लिए, हमारे पोर्टल India Twoday पर जाएं।
टीम इंडिया टुडे - अंजलि शर्मा
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