सीरिया में असद शासन का ऐतिहासिक फैसला: बशर अल-असद और भाई माहेर को मौत की सजा
दमिश्क : सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को देश के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके भाई माहेर अल-असद को युद्ध अपराधों और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। दोनों के खिलाफ मुकदमा उनकी गैरमौजूदगी में चला। दिसंबर 2024 में सत्ता से बेदखल होने के बाद …
सीरिया में असद शासन का ऐतिहासिक फैसला: बशर अल-असद और भाई माहेर को मौत की सजा
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कम शब्दों में कहें तो, सीरिया की अदालत ने बशर अल-असद और उनके भाई माहेर को युद्ध अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई। यह फैसला देश की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
दमिश्क: सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके भाई माहेर अल-असद को युद्ध अपराधों और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। उनके खिलाफ यह मुकदमा उनकी अनुपस्थिति में चलाया गया, क्योंकि दोनों दिसंबर 2024 में सत्ता से बेदखल होने के बाद रूस भाग गए थे।
अदालत का फैसला और इसके महत्व
यह अदालती निर्णय सीरिया के लगभग 13-14 वर्षों तक चले गृहयुद्ध के दौरान असद प्रशासन पर लगे गंभीर आरोपों के खिलाफ कार्रवाई का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि मामले में कई गंभीर अपराध शामिल हैं, जिसमें हत्या, यातना और अवैध हिरासत शामिल है। यह अदालत का फैसला असद शासन के खिलाफ वैश्विक चिंता और कार्रवाई का प्रतिबिंब है।
असद के करीबी रिशतेदार को भी मिली सजा
बशर अल-असद के चचेरे भाई और पूर्व सुरक्षा अधिकारी आतिफ नजीब को भी इसी मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। उनपर 2011 में दारा प्रांत में सरकार की कार्रवाई का नेतृत्व करने का आरोप था, जिससे शुरू हुआ प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया और गृहयुद्ध की आग में घी डालने का काम किया। नजीब को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां उसके खिलाफ सुनवाई अप्रैल 2026 से शुरू हुई।
बशर और माहेर का रूस में होना
बशर अल-असद और उनके भाई माहेर ने विद्रोही बलों द्वारा दमिश्क में प्रवेश करने के बाद December 2024 में सीरिया छोड़ दिया और रूस चले गए थे। इस कारण अदालत ने उनके खिलाफ अनुपस्थिति में (in absentia) निर्णय सुनाया। इससे सीरिया में असद परिवार की सत्ता का दशकों पुराना अध्याय समाप्त हो गया।
सीरिया की राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव
असद परिवार का शासन करीब पांच दशक तक चला। पहले हाफेज अल-असद और फिर उनके बेटे बशर ने देश पर शासन किया। 2011 में अरब स्प्रिंग के दौरान शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दमन के कारण यह संघर्ष धीरे-धीरे पूर्ण गृहयुद्ध में बदल गया। अब जब असद शासन समाप्त हो चुका है, नई सरकार ने अहमद अल-शरा के नेतृत्व में सत्ता संभाली है।
मानवीय संकट और जिम्मेदारी की जवाबदेही
सीरियाई संघर्ष विश्व के सबसे गंभीर मानवाधिकार संकटों में से एक रहा है, जिसमें लाखों लोग मारे गए और कई लाखों विस्थापित हुए हैं। असद प्रशासन पर नागरिकों के खिलाफ गंभीर हिंसा, अवैध हिरासत और यातना के मामले लंबे समय से चल रहे थे। अप्रैल 2026 में शुरू हुई न्यायिक प्रक्रिया में पूर्व शासन के कई शीर्ष अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था।
रूस द्वारा कार्रवाई की संभावना
बशर अल-असद के खिलाफ यह अदालती निर्णय सीरिया में जिम्मेदारी और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, असद और माहेर के रूस में होने के कारण इस फैसले को लागू करना एक बड़ी चुनौती है। रूस ने अब तक उनकी गिरफ्तारी या सौंपने के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। यदि ऐसा होता है, तो यह सीरिया में एक नई राजनीतिक व्यवस्था के स्थायित्व के लिए आवश्यक होगा।
इसके अलावा, असद और उनके करीबी रिशतेदारों के खिलाफ हुई न्यायिक प्रक्रिया से सीरिया में लोगों की उम्मीदें जाग गई हैं कि शायद अब उनके साथ दर्दनाक और अन्यायपूर्ण घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सही कार्रवाई की जाएगी।
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Team India Twoday – ज्योति शर्मा
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