उत्तरकाशी में बबीता पांडे का लापता होना: 5 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, रैथल में दिखी थीं आखिरी बार

रैबार डेस्क: उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक से रामनगर की एक युवती बबीता पांडेय को रहस्यमयी... The post दयारा बुग्याल से लापता बबीता का 5 दिन से नहीं कोई सुराग, रैथल में आखिरी बार देखी गई appeared first on Uttarakhand Raibar.

Jun 3, 2026 - 00:27
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उत्तरकाशी में बबीता पांडे का लापता होना: 5 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, रैथल में दिखी थीं आखिरी बार
रैबार डेस्क: उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक से रामनगर की एक युवती बबीता पांडेय को रहस्यमयी... The po

उत्तरकाशी में बबीता पांडे का लापता होना: 5 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक से 25 वर्षीय युवती बबीता पांडे के लापता होने की जानकारी सामने आई है। पांच दिन से उनकी तलाश जारी है और अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

रामनगर की निवासी बबीता पांडेय, जो कि एमबीए की छात्रा हैं, 25 मई को अपने दो मित्रों के साथ उत्तरकाशी घूमने के लिए गई थीं। 29 मई की देर रात को वह दयारा बुग्याल ट्रैक के गोई क्षेत्र में अचानक लापता हो गईं। उनके साथियों और परिवार वालों के मुताबिक, बबीता को रैथल गांव के सीसीटीवी फुटेज में आखिरी बार देखा गया था, जहां वह अपनी कार से उतरती हुई दिखाई दीं।

परिवार और पुलिस की प्रतिक्रिया

बबीता के लापता होने के मामले में उनकी मां और भाई घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है और बबीता की खोज में SDRF, NDRF, वन विभाग, स्थानीय ग्रामीणों और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। सर्च ऑपरेशन में ड्रोन और श्वान दस्तों का भी उपयोग किया जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि 29 मई की रात को बबीता और उनके मित्र ट्रैकिंग के दौरान एक पड़ाव पर रुके थे। बाद में जब वह गायब हुईं तो साथी उनके लिए बेताब हो गए। बबीता के परिजन मनेरी थाने में शिकायत दर्ज करवा चुके हैं।

CCTV फुटेज और संभावित सुराग

रैथल गांव के सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, बबीता को एक कार से उतरते समय देखा गया था। वह सामान को डिग्गी में रखते हुए कैमरे में कैद हुईं और उसके बाद वहां से चल दीं। इस फुटेज से यह पता चलता है कि बबीता अपने साथियों के संग थीं लेकिन इसके आगे की घटनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

ट्रैकिंग कंपनी की लापरवाही

इस घटना के पीछे ट्रैकिंग कंपनी की लापरवाही सामने आ रही है। पर्यटन विभाग की जांच में पता चला है कि जिस ट्रैकिंग एजेंसी के माध्यम से बबीता व उनके मित्र ट्रैक पर गए थे, उसमें बबीता का नाम ही नहीं था। लेकिन वन विभाग को दिए गए कागजों में बबीता का नाम दर्ज किया गया। इस बात पर पुलिस और प्रशासन जांच कर रही है। ऐसे में ट्रैकिंग कंपनियों पर कई सवाल खड़े हो गए हैं कि कैसे वे ट्रैकर को लेकर गए और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सके।

टीम का गठन और सर्च अभियान

मंगलवार को पुलिस, SDRF, NDRF, वन विभाग, आपदा प्रबंधन QRT, ITBP और सेना ने स्थानीय लोगों एवं पोर्टरों के साथ मिलकर ट्रेक क्षेत्र में अलग-अलग दिशाओं में सघन सर्च अभियान प्रारंभ किया है। टीम द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि बबीता का पता लगाया जा सके।

बबीता पांडे का परिचय

बबीता पांडे नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के चिल्किया गांव की निवासी हैं जो घर से ऑनलाइन काम करती हैं। वह अपने दो मित्रों के साथ ट्रैकिंग के लिए निकली थीं। उनके परिवार ने बबीता की तलाश में पुलिस से पूरी मदद की मांग की है।

निष्कर्ष

मामले की गंभीरता को देखकर यह आवश्यक है कि लापता बबीता पांडे की तलाश में सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए। हम सभी बबीता के परिवार के साथ हैं और प्रार्थना करते हैं कि वह जल्द ही अपने घर लौटें।

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संपादित: प्रियंका शर्मा

Team India Twoday

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