उत्तराखंड: प्रियंका के सपनों को साकार करने में DM सविन बंसल की बड़ी भूमिका
जिला प्रशासन ने एक ही झटके में दिलाया रोजगार और उच्च शिक्षा का वादा। मुख्यमंत्री के संकल्प “शिक्षित बेटियां– सशक्त समाज” को साकार कर रहा देहरादून प्रशासन। देहरादून :पिता का साया चार साल पहले उठ जाने और परिवार की बदहाल आर्थिक स्थिति के बावजूद हार न मानने वाली चन्द्रबनी निवासी प्रियंका कुकरेती की जिंदगी में …
उत्तराखंड: प्रियंका के सपनों को साकार करने में DM सविन बंसल की बड़ी भूमिका
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कम शब्दों में कहें तो, प्रियंका कुकरेती को DM सविन बंसल के सहयोग से नौकरी और M.Tech की पढ़ाई का अवसर मिला है।
देहरादून: उत्तराखंड की चन्द्रबनी निवासी प्रियंका कुकरेती के जीवन में एक नई आशा की किरण प्रकट हुई है। चार साल पहले पिता के देहांत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद प्रियंका ने हार नहीं मानी। जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील हस्तक्षेप से प्रियंका को एक प्रतिष्ठित निजी शैक्षणिक संस्थान में लैब ऑफिसर की नौकरी मिल गई है, और उसी संस्थान में अब उन्हें M.Tech (कंप्यूटर साइंस) में दाखिला भी मिल गया है।
जिला प्रशासन ने एक ही झटके में दी मदद
पिछले महीने अक्टूबर में, प्रियंका अपनी मां के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने जब अपनी दुखद कहानी सुनाई—कैसे 2021 में पिता का देहांत हुआ और दिव्यांग भाई की देखभाल करनी है—तब जिलाधिकारी ने इंसानियत का उदाहरण पेश करते हुए तत्काल रेड क्रॉस फंड से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही, प्रियंका को उनकी क्षमता को देखते हुए लैब ऑफिसर के पद पर नियुक्त कर दिया गया।
शिक्षा और आजीविका को मिलाकर एक नया अध्याय
डिजिटल युग में शिक्षा की महत्वता को समझते हुए, जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रियंका से पूछा कि क्या वह नौकरी के साथ-साथ आगे पढ़ाई भी करना चाहती हैं। जैसे ही प्रियंका ने हां कहा, जिलाधिकारी ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रियंका का M.Tech में दाखिला सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, फीस, किताबें और अन्य आवश्यक खर्चों का भार जिला प्रशासन और संस्थान मिलकर उठाएंगे। अगले सत्र से प्रियंका स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू कर सकेंगी।
शिक्षित बेटियां, सशक्त समाज
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, “प्रतिभाशाली बेटियों के कदम कभी नहीं रुकेंगे। चाहे कितनी भी विपरीत परिस्थितियाँ हों, उनकी शिक्षा और रोजगार के लिए प्रशासन हरसंभव मदद करेगा।” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संकल्प “शिक्षित बेटियां, सशक्त समाज” देहरादून जिला प्रशासन द्वारा लगातार पालन किया जा रहा है।
“नंदा-सुनंदा योजना” से शिक्षा का पुनर्जागरण
आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहीं बेटियों को मुख्यधारा में लाने के लिए “नंदा-सुनंदा योजना” के तहत अब तक लगभग 32 लाख रुपये की मदद से 90 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की जा चुकी है। प्रियंका कुकरेती का मामला इसी कड़ी में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
प्रियंका ने अपनी मां के साथ कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी का धन्यवाद करते हुए कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन में नौकरी भी मिलेगी और मेरा M.Tech का सपना भी पूरा होगा। मैं जिलाधिकारी सर और उनकी पूरी टीम की जिंदगीभर आभारी रहूँगी।”
इस प्रकार, देहरादून प्रशासन ने न केवल प्रियंका के लिए, बल्कि उन जैसी अन्य होनहार बेटियों के लिए एक सकारात्मक परिवर्तन का संग्राम छेड़ा है, जिससे एक सशक्त समाज का निर्माण हो सकेगा।
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संजीवनी, टीम इंडिया टुडे
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