उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन: प्रशिक्षण और तैयारी की नई दिशा – मदन कौशिक
रूद्रपुर : आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ने पिछले वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा आपदा प्रबंधन को और सुदृढ़ करने हेतु प्रदेश के सभी जनपदों में कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल संसाधनों […] The post आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी और प्रशिक्षण है सबसे बड़ी ताकत – मदन कौशिक first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन: प्रशिक्षण और तैयारी की नई दिशा – मदन कौशिक
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में फायदे उठाए हैं और नए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ज़रिए इस क्षेत्र को और मजबूती देने का प्रयास कर रहा है।
रूद्रपुर : आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने हाल ही के बयान में बताया कि उत्तराखंड राज्य ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई सफलताएँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु प्रदेश के सभी जनपदों में विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन केवल संसाधनों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट के समय में उन संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना भी आवश्यक है।
आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी और प्रशिक्षण की ताकत
मदन कौशिक ने जोर दिया कि आपदा के समय किस क्रम (Sequence) में क्या कार्य किया जाना है, इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षित करना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत करने तथा रिस्पॉन्स टाइम कम करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
समुदाय का सशक्तिकरण और तकनीकी नवाचार
उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए सामुदायिक सशक्तिकरण जरूरी है और इस दिशा में आपदा प्रबंधन विभाग कई नई पहलों के साथ आगे बढ़ रहा है। नवीनतम तकनीकों को अपनाते हुए विभाग ने इस विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कार्यशाला के लाभों पर प्रकाश डाला।
सीएम धामी की आपदा प्रबंधन के प्रति गंभीरता
राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने कार्यशाला में बताया कि अधिकारियों को आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों से सलाह लेने के लिए गंभीरता से कार्य करना चाहिए, ताकि आपदा के समय त्वरित और प्रभावशाली कार्य किए जा सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तत्परता की तारीफ की, जो आपदा के दौरान त्वरित निर्णय लेते हैं।
अनुभवी व्यक्तियों की भागीदारी
आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (से.नि.) ने इस बात पर जोर दिया कि भूतपूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त अधिकारियों को राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र में शामिल किया जाएगा ताकि उनके अनुभव का लाभ उठाया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना
अपर सचिव आपदा प्रबंधन प्रकाश चन्द्र ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जनपद स्तर पर जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण देगा। इस राज्यव्यापी क्षमता विकास अभियान की पहली बैठक शनिवार 18 जुलाई को टिहरी गढ़वाल में हुई।
आगामी दिनों में नैनीताल, चमोली, देहरादून और पिथौरागढ़ समेत अन्य जनपदों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह प्रशिक्षण कार्यशालाएं अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, आपदा के दौरान समन्वित कार्य और आधुनिक आपदा प्रबंधन तंत्र के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए आयोजित की जाएंगी।
इस प्रकार, उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में चल रही ये पहलें न केवल कार्यप्रणाली को बेहतर बनाएंगी बल्कि लोगों की जिज्ञासाओं को भी संतुष्ट करेंगी। अधिक जानकारी के लिए हमारे पोर्टल पर जाएँ।
सादर, टीम इंडिया टुडे
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