उत्तराखंड में साइबर ठगी का पर्दाफाश: बेरोजगार युवकों को भेजा थाईलैंड, किया गया जबरन फ्रॉड
उत्तराखंड पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों को जबरन साइबर फ्रॉड कराने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। ऊधमसिंह नगर जिले…
उत्तराखंड में साइबर ठगी का मामला: बेरोजगार युवकों को भेजा थाईलैंड
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है जो बेरोजगार युवकों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी के मामले में शामिल था।
उत्तराखंड पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के एक प्रशिक्षित सदस्य को पकड़ा है, जो बेरोजगार युवकों को धोखे से थाईलैंड भेजता था। ऊधमसिंह नगर जिले के जसपुर से गिरफ्तार किए गए आरोपी, जिसका नाम सुनील है, ने बताया कि वह युवकों को ठगी के जरिए थाईलैंड भेजने और फिर वहां से म्यांमार ले जाकर उन्हें अवैध तरीके से साइबर फ्रॉड में शामिल करता था।
कैसे हुआ इस गैंग का खुलासा?
पुलिस को 13 नवंबर 2025 को मो. आजम द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आरोपी की खोज शुरू हुई थी। आजम ने पुलिस में शिकायत की थी कि उसके कई साथी युवकों को धोखे से विदेश में काम दिलाने का झांसा देकर ठगा गया है। इसके बाद पुलिस ने सुनील को गिरफ्तार कर लिया।
यहां तक कि साइबर ठगी का मामला
आरोपी सुनील ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह टूरिस्ट वीजा पर युवकों को थाईलैंड भेजता था, जहां उन्हें एक विशेष गिरोह के हवाले कर दिया जाता था। गिरोह के सदस्य युवकों को रिवॉल्विंग के नाम पर अन्य देशों में ले जाकर जबरन साइबर क्राइम के लिए काम करने के लिए मजबूर करते थे। इससे न केवल युवकों के भविष्य व careers को खतरा होता है, बल्कि ये मामलों को आवाज़ नहीं दे पाने की स्थिति में भी डाल देते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना
पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष अभियान की योजना बनाई है, जिसमें इस गिरोह से जुड़े सभी लोगों को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही, बेरोजगारी के कारण युवा वर्ग इस तरह की ठगी का शिकार न हो, इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
समाज में जागरूकता जरूरी
अंतरराष्ट्रीय गिरोह द्वारा युवाओं को धोका देना एक गंभीर मुद्दा है। ऐसे में जरूरी है कि समाज में इस विषय पर जागरूकता फैलाई जाए। युवा वर्ग को यह समझने की जरूरत है कि विदेश में नौकरी पाने के लिए कई ठगों की चपेट में आने से बचना आवश्यक है। सही जानकारी और योजनाबद्ध उपायों से ही इस तरह के मामलों में कमी लाई जा सकती है।
अंत में, यह मामला एक चेतावनी है कि युवा अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी का शिकार न हों।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे - राधिका शर्मा
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