जीआईसी दूनागिरी में विज्ञान कार्यशाला: प्रो. एच.सी. वर्मा के प्रयोगों से छात्र बने विज्ञान के प्रति उत्साहित

जीआईसी दूनागिरी में भौतिक विज्ञान के लो कॉस्ट एंड नो कॉस्ट प्रयोगों पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न जीआईसी दूनागिरी में साइंस इन द सर्विस ऑफ सोसाइटी के तत्वाधान में परिवेशीय…

Jun 13, 2026 - 18:27
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जीआईसी दूनागिरी में विज्ञान कार्यशाला: प्रो. एच.सी. वर्मा के प्रयोगों से छात्र बने विज्ञान के प्रति उत्साहित
जीआईसी दूनागिरी में भौतिक विज्ञान के लो कॉस्ट एंड नो कॉस्ट प्रयोगों पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन

जीआईसी दूनागिरी में विज्ञान कार्यशाला: प्रो. एच.सी. वर्मा के प्रयोगों से छात्र बने विज्ञान के प्रति उत्साहित

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कम शब्दों में कहें तो, जीआईसी दूनागिरी में एक दिवसीय भौतिक विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि को जगाने का प्रयास किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लो कॉस्ट और नो कॉस्ट प्रयोगों के माध्यम से छात्रों को भौतिक विज्ञान की शिक्षण पद्धति को आसान और प्रभावी बनाना था।

यह कार्यशाला "साइंस इन द सर्विस ऑफ सोसाइटी" के तत्वाधान में आयोजित की गई। इसमें विभिन्न प्रकार के परिवेशीय संसाधनों का उपयोग कर भौतिक विज्ञान के प्रयोग किए गए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय कौसानी के भौतिक विज्ञान के शिक्षक भवानी शंकर कांडपाल तथा जीआईसी पस्यां नैनीताल के विनोद ने छात्रों को उनके सरल प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान की जटिलताओं को समझाया।

कार्यशाला का उद्देश्य और विधियाँ

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य था कि छात्र भौतिक विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों को सरलता से समझ सकें और प्रयोगों के माध्यम से उन सिद्धांतों का अनुभव कर सकें। पायगंबर पद्मश्री प्रो. एच.सी. वर्मा के विद्या और सरल प्रयोगों ने छात्रों को विज्ञान के प्रति उत्साहित किया और उनका कौतूहल बढ़ाया।

इस प्रकार के प्रयोग, जैसे कि बल, गति और उर्जा के सिद्धांतों को दर्शाने वाले थे, जो छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि व्यावहारिक रूप से उन सिद्धांतों का अनुभव भी कराते हैं। इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ाने में मदद मिली।

छात्रों की प्रतिक्रिया

कार्यशाला के अंत में छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे सरल प्रयोगों के माध्यम से उन्हें कठिन सिद्धांतों को समझने में सहायता मिली। छात्रों ने कार्यशाला के आयोजकों का धन्यवाद किया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की मांग की।

इस कार्यशाला ने न केवल छात्रों को भौतिक विज्ञान के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें भविष्य में वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा भी दी।

निष्कर्ष

जीआईसी दूनागिरी में आयोजित इस विज्ञान कार्यशाला ने निश्चित रूप से छात्रों में विज्ञान के प्रति उत्साह का संचार किया। भवानी शंकर कांडपाल और विनोद जैसे शिक्षकों के प्रयासों से, छात्र अब विज्ञान को न केवल एक विषय के रूप में, बल्कि एक अनुभव के रूप में देखने लगे हैं। भौतिक विज्ञान के प्रति इस नई रुचि के साथ, हमें उम्मीद है कि ये युवा वैज्ञानिकों का नया युग शुरू होगा।

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सादर, टीम इंडिया टुडे - अनुजना शर्मा

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