लखनपुर: दयानंद टम्टा की हत्या के खिलाफ श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च का आयोजन
राजकीय इंटर कॉलेज भटखोला, जनपद बागेश्वर के प्रभारी प्रधानाचार्य की निर्मम हत्या के विरोध में श्रद्धांजलि सभा ,केंडिल मार्च…. ..कर्मचारी शिक्षक संगठनों की संयुक्त पहल पर शहीद पार्क लखनपुर में…
लखनपुर में श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च का आयोजन
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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज भटखोला के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की निर्मम हत्या के खिलाफ श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। यह आयोजन कर्मचारी और शिक्षक संगठनों द्वारा शहीद पार्क, लखनपुर में किया गया।
सीमा पर दुख और आक्रोश
इस श्रद्धांजलि सभा में जिले के कई शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया और दयानंद टम्टा को श्रद्धांजलि दी। शिक्षकों और कर्मचारियों ने मिलकर उनकी हत्या के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। सभा के दौरान, वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिक्षक संगठनों की पहल
शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के संयुक्त प्रयास से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस कैंडल मार्च में सभी लोग एकजुट होकर दयानंद टम्टा की याद में मोमबत्तियाँ जलाते हुए चल रहे थे।
गृह राज्य मंत्री का अभिवादन
सभा में उपस्थित गृह राज्य मंत्री ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि ऐसा कृत्य समाज के लिए unacceptable है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
शिक्षा जगत में चिंता का विषय
दयानंद टम्टा की हत्या ने शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। कई शिक्षकों ने इस घटना को चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि इसी तरह का वातावरण बना रहा तो शिक्षण कार्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इन सब के बीच, स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा उपायों को सख्त करने पर विचार कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इसके लिए पुलिस और प्रशासन ने एक नया सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने का निर्णय लिया है।
शिक्षा के इस माहौल में न्याय की मांग करती हुई यह श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च एक स्मारकीय घटना बन गई है। शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं और सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
कैंडल मार्च का यह आयोजन न केवल दयानंद टम्टा के प्रति श्रद्धांजलि है, बल्कि यह एक बड़ा संदेश भी है कि समाज को अपने शिक्षकों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
फिर से श्रदांजलि अर्पित करते हुए, हम सभी से अपील करते हैं कि हम हमेशा शिक्षा के माहौल को सुरक्षित और सुगम बनाए रखें। सभी शिक्षकों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है और इसे सुनिश्चित करना समाज की जिम्मेदारी बनती है।
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संगीता चौहान, टीम इंडिया टुडे
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