देहरादून समाचार: UKSSSC परीक्षा किट टेंडर में गड़बड़ी के बड़े आरोप, बार-बार निरस्तीकरण पर उठे सवाल

DEHRADUN NEWS: देहरादून में UKSSSC की परीक्षा किट सप्लाई टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। आरोप है कि पारदर्शिता की कमी और बार-बार टेंडर रद्द करने से पूरी प्रक्रिया संदिग्ध हो गई है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। चार बार टेंडर निरस्त होने पर सवाल स्कीमेटिक्स माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड […] The post DEHRADUN NEWS: UKSSSC परीक्षा किट टेंडर में गड़बड़ी के आरोप, 4 बार निरस्तीकरण पर सवाल first appeared on Vision 2020 News.

Apr 8, 2026 - 09:27
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देहरादून समाचार: UKSSSC परीक्षा किट टेंडर में गड़बड़ी के बड़े आरोप, बार-बार निरस्तीकरण पर उठे सवाल
DEHRADUN NEWS: देहरादून में UKSSSC की परीक्षा किट सप्लाई टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं

देहरादून समाचार: UKSSSC परीक्षा किट टेंडर में गड़बड़ी के बड़े आरोप, बार-बार निरस्तीकरण पर उठे सवाल

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में UKSSSC परीक्षा किट सप्लाई से जुड़े टेंडर में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पारदर्शिता की कमी और बार-बार टेंडर निरस्त होने के चलते इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है।

चार बार टेंडर निरस्त होने के पीछे क्या है कारण?

स्कीमेटिक्स माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के मालिक आदित्य मंगल ने बताया कि 15 सितंबर 2025 को जारी टेंडर में उनकी कंपनी ने सबसे पहले बोली लगाई थी। इसके बाद टेंडर को चार बार निरस्त किया गया और पुनः जारी किया गया। यह कई पर सवाल उठाता है। आदित्य का कहना है कि इस प्रक्रिया के आरंभ में केवल उनकी कंपनी ने ही भाग लिया था, जबकि उसके बाद बार-बार टेंडर निरस्त करना एक संदिग्ध सक्रियता प्रतीत होती है।

क्या फैले हैं फर्जी दस्तावेज़? एक नई कंपनी को क्यों दिया गया कार्य?

आरोप हैं कि उनकी कंपनी को बाद में अयोग्य करार दे दिया गया और उसके स्थान पर एक अन्य, दिल्ली स्थित कंपनी को यह कार्य सौंप दिया गया। इसके अलावा, कुछ कंपनियों के लिए यह सूचना मिली है कि उन्हें गलत दस्तावेज़ों के आधार पर क्वालीफाई किया गया है और MSME एवं EMD नियमों का उल्लंघन किया गया है। यह सब चीजें प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।

बढ़ती कीमतों के कारण हो रहे हैं घोटाले के आरोप, हो रही है जांच की मांग

आदित्य मंगल ने दावा किया कि परीक्षा किट की वास्तविक कीमत लगभग 350 रुपये है, लेकिन यह कीमत बढ़ाकर 5000 रुपये तक दिखाई जा रही है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और CVC या किसी स्वतंत्र एजेंसी से मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जो भी इसमें दोषी है उन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस मामले के आने के बाद से देहरादून की स्थानीय प्रशासन और UKSSSC पर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्रों और नागरिकों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि परीक्षा में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके। नागरिक कनसर्न के तहत यह मामला अब व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।

अंत में, इस तरह की अनियमितताएँ न केवल परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं, बल्कि इससे छात्रों का भविष्य भी खराब होता है। सभी संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वे अपने कार्यों में पारदर्शिता रखें और छात्रों के हितों की रक्षा करें।

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सादर, टीम इंडिया टुडे - नैना रावत

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