बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी: बीकेटीसी के कर्मचारियों की जांच में नए मोड़, CCTV फुटेज से मिले अहम सबूत
चमोली। बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में गिरफ्तार बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को जिला एवं सत्र न्यायालय, गोपेश्वर ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया है। वहीं पुलिस की जांच में अब बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) …
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी: बीकेटीसी के कर्मचारियों की जांच में नए मोड़, CCTV फुटेज से मिले अहम सबूत
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कम शब्दों में कहें तो, बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी के मामले में दोबारा जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। बीकेटीसी के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद अब कई अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध हो गई है।
चमोली से मिली जानकारी के अनुसार, बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी के सिलसिले में जांच की प्रक्रिया तेज हो गई है। बीकेटीसी के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को जिला एवं सत्र न्यायालय, गोपेश्वर ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में अब पुलिस की रडार पर बीकेटीसी के अन्य कर्मचारी भी आने लगे हैं।
सीसीटीवी फुटेज की जांच
पुलिस द्वारा 25 जून की सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच में प्रमोद नौटियाल के साथ अन्य कर्मचारियों को गणना कक्ष में संदिग्ध गतिविधियां करते हुए देखा गया है। इसके चलते जांच एजेंसियों ने इस फुटेज को अपने कब्जे में लेकर अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग्स का मिलान कर रही है ताकि सभी घटनाओं के बीच संबंध जोड़े जा सकें। आगामी मंगलवार को 29 जून की फुटेज भी जाँच के दायरे में आने वाली है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि यह मामला एक दिन की घटना है या लंबे समय से चल रहा है।
नए उच्च-रिजोल्यूशन कैमरे और तकनीकी जांच
बदरीनाथ मंदिर परिसर में 27 जून से लगाए गए उच्च-रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे नई तकनीक के साथ उपलब्ध कराए गए हैं, जो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इससे पहले लगे पुराने कैमरों की पारिवारिक गुणवत्ता के कारण भी पुलिस तकनीकी सहायता से पुराने फुटेज की बारिकी से जांच कर रही है।
जांच की निष्पक्षता पर जोर
पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य इस मामले में शामिल संभावित लोगों की भूमिका को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पुलिस पूरी प्रकरण की हर कड़ी को जांचने में जुटी हुई है और हर तथ्य को समझने का प्रयास कर रही है।
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यह मामला न केवल बदरीनाथ धाम के दर्शनार्थियों के विश्वास को प्रभावित कर रहा है, बल्कि इससे संबंधित कर्मचारियों की छवि भी दागदार हो रही है। पुलिस की कार्यवाही इस बात का संकेत देती है कि किस तरह से透明ता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
सभी पक्षों की निष्पक्ष जांच से यह सुनिश्चित होना चाहिए कि भविष्य में ऐसे अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले की जांच से यह उम्मीद की जा रही है कि अदृश्य धोखाधड़ी का पर्दाफाश हो सकेगा और उम्मीद है कि ऐसे संगठनों में कार्य करने वाले कर्मचारियों का भरोसा भी बना रहेगा।
Team India Twoday द्वारा सूचित किया गया
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