देहरादून साइंस सिटी: मुख्यमंत्री धामी ने किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण, विज्ञान का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में साइंस सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (STIP) परिसंवाद कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। CM ने किया देहरादून साइंस सिटी निर्माण कार्यों का निरीक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते […] The post मुख्यमंत्री धामी ने किया देहरादून साइंस सिटी निर्माण कार्यों का निरीक्षण, कहा- ये बनेगा विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र first appeared on Vision 2020 News.

Jul 13, 2026 - 18:27
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देहरादून साइंस सिटी: मुख्यमंत्री धामी ने किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण, विज्ञान का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में साइंस सिटी परियोजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (STIP) परिसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने साइंस सिटी के विकास के महत्व और इसके आने वाले अवसरों के बारे में चर्चा की। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

साइंस सिटी का महत्व और भविष्य

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में बताया कि देहरादून साइंस सिटी का निर्माण कार्य तेज़ गति से चल रहा है। उनका मानना है कि यह साइंस सिटी सिर्फ उत्तराखंड के लिए ही नहीं, बल्कि समस्त देश के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनने जा रही है। उन्होंने युवाओं को अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया, जिससे उनके विचार और सपने साकार हो सकें।

समुदाय के लिए विज्ञान की नई पहल

मुख्यमंत्री ने 'विज्ञान सेतु' के अंतर्गत सामुदायिक विज्ञान रेडियो 'विज्ञान वाणी' (88.8 मेगाहर्ट्ज), 'विज्ञान दृश्यम' और 'विज्ञान धारा' का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों से विज्ञान के अध्ययन के जटिल ज्ञान को आम जनता तक पहुँचाने में मदद मिलेगी, जिससे विज्ञान की शिक्षा और विकास को नई दिशा मिलेगी और समाज में जागरूकता फैलेगी।

पर्यावरण और हरेला पर्व का संदेश

मुख्यमंत्री ने हरेला सप्ताह का उल्लेख करते हुए बताया कि यह सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमें प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का बोध कराता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है, ऐसे में हरेला पर्व यह संदेश देता है कि विकास और प्रकृति एक साथ चल सकते हैं।

प्रौद्योगिकी में बदलाव और नेतृत्व

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि आज दुनिया तकनीकी बदलाव के एक अभूतपूर्व दौर से गुजर रही है। रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का महत्व बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें केवल इन बदलावों को स्वीकार नहीं करना है, बल्कि हमें इसका नेतृत्व करना चाहिए ताकि हम न केवल तकनीकी विकास में आगे बढ़ें, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान भी बना सकें।

उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिस की पहचान

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज कई प्रदेश उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिस को पहचान रहे हैं, जिसमें सिलल्यारा टनल में श्रमिकों के सुरक्षित निकासी का अभियान शामिल है। इसे ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हर वर्ष 28 नवंबर को आपदा प्रबंधन दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उनका विश्वास है कि उत्तराखंड के युवाओं में अद्वितीय प्रतिभा है और इस प्रतिभा को सही दिशा देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का विकास आवश्यक है।

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री धामी ने साइंस सिटी के विकास को सकारात्मक दिशा में बढ़ते कदम के रूप में देखा है और इसे राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र बनाने की महत्ता पर ज़ोर दिया है। इसके माध्यम से युवाओं के लिए नई संभावनाएं उत्पन्न होंगी। अधिक जानकारी के लिए, हमारे पोर्टल पर जाएं: India Twoday

सादर, टीम इंडिया ट्वोडे - नेहा शर्मा

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