भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,092 अंक तक गिरा
नई दिल्ली: सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में आखिरी घंटे में अचानक आई तेज बिकवाली ने निवेशकों को झटका दे दिया। बीएसई सेंसेक्स 1,092 अंक यानी 1.44 फीसदी टूटकर 74,775.74 अंक पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 359.40 अंक यानी 1.5 फीसदी गिरकर 23,547.75 अंक पर आ …
भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,092 अंक तक गिरा
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कम शब्दों में कहें तो, आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई, जिसमें सेंसेक्स 1,092 अंक तक गिरकर 74,775.74 अंक पर बंद हुआ। इससे निवेशकों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
नई दिल्ली: कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन, भारतीय शेयर बाजार ने आखिरी सेशन में तेज बिकवाली के चलते चौंका दिया। बीएसई सेंसेक्स 1.44 प्रतिशत यानी 1,092 अंक की गिरावट के साथ 74,775.74 अंक पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 1.5 प्रतिशत यानी 359.40 अंक टूटकर 23,547.75 अंक पर आ गया।
बाजार में गिरावट के कारण
इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और संघर्षविराम को लेकर बनी अनिश्चितता है। दोनों देशों के बीच 60 दिन के संघर्षविराम पर सहमति बनने की खबरें आई हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ترامب की ओर से अभी तक यह सहमति औपचारिक रूप से नहीं दी गई है, जिससे निवेशकों में चिंता बनी हुई है।
मर्केट कैप में भारी कमी
तेज गिरावट के कारण, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 466 लाख करोड़ रुपये रह गया है। यह लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट का एक बड़ा संकेत है।
सेंसेक्स के प्रदर्शन पर नजर
सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इसमें पावरग्रिड का शेयर सबसे अधिक प्रभावित हुआ, जिसमें लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके अलावा, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर भी नीचे आये।
हालांकि, दूसरी ओर, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, लार्सन एंड टुब्रो और एशियन पेंट्स जैसे कुछ शेयरों में आज बढ़त देखी गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन
बाजार के व्यापक संकेतकों की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.79 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
सेक्टोरल इंडेक्स की स्थिति
सेक्टोरल इंडेक्स के अनुसार, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। इसके विपरीत, रियल्टी सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है। यह स्थिति निवेशकों के लिए कुछ राहत का संकेत हो सकती है।
भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड लगभग 93.79 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
इस बीच, ईरान की सेना द्वारा संदिग्ध ठिकानों पर मिसाइल हमलों की खबरें भी सामने आई हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में दावा किया है कि ईरान ने कुवैत की दिशा में मिसाइलें दागी हैं, और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ड्रोन गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है। इन घटनाओं ने वैश्विक बाजारों में निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति निवेशकों के लिए एक चिंताजनक विषय बन गई है। आने वाले दिनों में इस विषय पर नजर रखना अत्यंत आवश्यक होगा। अधिक अपडेट के लिए, विजिट करें India Twoday.
साभार, टीम इंडिया टुडे, नंदिता शर्मा
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