मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह में अभूतपूर्व योगदान
हल्द्वानी । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी स्थित डॉ सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में बुजुर्गों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका सम्मान ही किसी भी […]
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह में अभूतपूर्व योगदान
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में आयोजित समारोह में न केवल भाग लिया, बल्कि उनके महत्व को भी दर्शाया।
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी में डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम में बुजुर्गों को विशेष सम्मान दिया गया और उनके योगदान की सराहना की गई।
मुख्यमंत्री ने मंच से वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में बुजुर्गों की स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है। उनका सम्मान ही किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को सही दिशा मिलती है।
बुजुर्गों का सम्मान हमारे समाज की पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि की भावना व्याप्त होती है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक केवल परिवार की नींव नहीं, बल्कि समाज की मजबूत जड़ें हैं। उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन सामाजिक संरचना को सुदृढ़ बनाए रखता है।
समारोह के दौरान, उन्होंने बुजुर्गों द्वारा वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताओं में भागीदारिता की सराहना की, कहा कि यह दर्शाता है कि उम्र केवल एक संख्या है और जीवन में ऊर्जा एवं उत्साह का कोई विकल्प नहीं है।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखती है। विभिन्न योजनाओं जैसे अटल वयोअभ्युदय योजना और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के माध्यम से बुजुर्गों के जीवन को सुरक्षित और गरिमामय बनाने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार भी इस दिशा में अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिमाह 1500 रुपये की पेंशन डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पति-पत्नी, दोनों को अलग-अलग पेंशन देने की योजना भी बनाई गई है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
सुविधाओं में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवनों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा, रुद्रपुर में एक आधुनिक मॉडल वृद्धाश्रम बनाने का कार्य भी चल रहा है।
अटल वयोअभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। पहली बार जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मानव संसाधनों को भी तैयार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य और कानूनी सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण तथा निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस वर्ष 1300 वरिष्ठ नागरिकों के निशुल्क सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने उल्लेख किया कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को अपने भरण-पोषण के लिए कानूनी अधिकार दिए गए हैं।
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनके गरिमामय जीवन के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
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टिप्पणी के साथ, यह भी स्पष्ट किया गया कि विमर्शित योजनाएँ और कार्यक्रम केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज का भी दायित्व है कि वे अपने वृद्धजनों के प्रति स्नेह और सम्मान बरकरार रखें।
सारांश: हाल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों के महत्व को स्पष्ट किया और उनकी भलाई के लिए सरकारी प्रयासों की जानकारी दी।
सादर, टिम इंडिया टुडे, राधिका शर्मा
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