योगी आदित्यनाथ और आनंदीबेन पटेल से मिले बीकेटीसी अध्यक्ष, चारधाम यात्रा का निमंत्रण और संपत्ति विनिमय की चर्चा
लखनऊ/देहरादून: उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज की मौजूदगी में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने आगामी चारधाम यात्रा (श्री बदरीनाथ-केदारनाथ सहित) के लिए …
योगी आदित्यनाथ और आनंदीबेन पटेल से मिले बीकेटीसी अध्यक्ष, चारधाम यात्रा का निमंत्रण और संपत्ति विनिमय की चर्चा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने हाल ही में लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें चारधाम यात्रा की तैयारियों और संपत्तियों के विनिमय पर चर्चा की गई। इस भेंट में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।
लखनऊ/देहरादून: उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने आगामी चारधाम यात्रा, जिसमें श्री बदरीनाथ और केदारनाथ शामिल हैं, के लिए दोनों गणमान्य व्यक्तियों को निमंत्रित किया और तीर्थाटन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
चारधाम यात्रा की जानकारी
बैठक के दौरान, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जानकारी दी कि इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में श्री केदारनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि श्री बदरीनाथ धाम में कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे, और श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।
संपत्ति विनिमय पर चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुलाकात के दौरान, हेमंत द्विवेदी ने बीकेटीसी की उत्तर प्रदेश में स्थित संपत्तियों के विनिमय का प्रस्ताव रखा। उन्होंने एक पत्र सौंपते हुए अनुरोध किया कि लखनऊ और फतेहपुर (हंसुआ) में स्थित समिति की भूमि, भवन, बगीचे और अन्य परिसंपत्तियां उत्तर प्रदेश सरकार को हस्तांतरित की जाएं। इसके बदले में, उत्तराखंड में (हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश आदि में) उपलब्ध सरकारी भूमि बीकेटीसी को प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
बीकेटीसी की संपत्तियों का विवरण
द्विवेदी ने विस्तार से बताया कि लखनऊ के अमीनाबाद-गड़बड़झाला क्षेत्र में बीकेटीसी की लगभग 11,000 वर्ग फीट भूमि है, जिसमें तीन पुराने भवन और एक छोटा मंदिर स्थित है। यह संपत्ति शहर के व्यावसायिक केंद्र में है। इसके अलावा, लखनऊ से करीब 90 किमी दूर हंसुआ (फतेहपुर) में 51,452 वर्ग फीट का बगीचा और 24,025 वर्ग फीट क्षेत्र में 43 दुकानें, 2 गोदाम, और खाली भूमि भी है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में बीकेटीसी की 86,477 वर्ग फीट भूमि है।
चुनौतियाँ और चिंता
द्विवेदी ने यह भी बताया कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद से इन दूरस्थ संपत्तियों की देखभाल उचित रूप से नहीं हो पा रही है। इनसे समिति को कोई आय नहीं हो रही, और रखरखाव पर खर्च अधिक हो रहा है। इसके अलावा, भू-माफियाओं की नजर इन संपत्तियों पर है, जिससे उनकी सुरक्षा और अस्तित्व को खतरा बना हुआ है।
बीकेटीसी के अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में उठाए गए कदमों से उम्मीद की जा सकती है कि इन चिंताओं का समाधान निकाला जाएगा और चारधाम यात्रा के दौरान भक्तों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
संपत्ति विनिमय की इस चर्चा और चारधाम यात्रा के आयोजन से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
यात्रा में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों को उचित तैयारी और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सफल यात्रा अनुभव की मिल सके, यही अपेक्षा है।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, नेहा शर्मा
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