रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन - सीएम धामी के निर्देश
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन की स्थिति, रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से संबंधित विषयों पर […] The post रिवर्स पलायन के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करें सुनिश्चित, सीएम धामी ने दिए निर्देश first appeared on Vision 2020 News.
रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन - सीएम धामी के निर्देश
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन पर चर्चा करना, रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करना, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना था।
रिवर्स पलायन को प्राथमिकता देने की अपील
बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग द्वारा विभिन्न जनपदों में आयोजित की जा रही प्रवासी पंचायतों और पलायन निवारण तथा स्वरोजगार जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई। आयोग के सदस्यों ने पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव पेश किए, जिनका उपयोग रिवर्स पलायन को गति देने में किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री की आगामी योजनाएं और निर्देश
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सुझावों का गंभीरता से अध्ययन कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए सभी विभाग अपनी गतिविधियों को समन्वित करें ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वरोजगार और आजीविका से संबंधित योजनाओं की जानकारी आसान और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई जाए। लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों या बैंकों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना अत्यंत आवश्यक है।
स्वरोजगार के अवसरों की संभावनाएं
सीएम धामी ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार की अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को रोजगार से जोड़ते हुए युवाओं को अपने गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने, उनकी गुणवत्ता एवं ब्रांडिंग पर ध्यान देने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए।
काम शब्दों में कहें तो, बैठक का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देना था, ताकि पलायन की समस्या का समाधान हो सके। इसके लिए प्रभावी योजनाएं लागू करने की आवश्यकता है।
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Team India Twoday, राधिका शर्मा
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