रूद्रपुर: खेत बचाओ अभियान की शुरुआत, जैविक खेती एवं संतुलित उर्वरक के महत्व पर जोर

रूद्रपुर जिला सभागार में आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होने किसानो से कहा कि संतुलित उर्वरक…

Jun 2, 2026 - 09:27
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रूद्रपुर: खेत बचाओ अभियान की शुरुआत, जैविक खेती एवं संतुलित उर्वरक के महत्व पर जोर
रूद्रपुर जिला सभागार में आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने

रूद्रपुर में खेत बचाओ अभियान का आगाज

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कम शब्दों में कहें तो, रूद्रपुर में आयोजित 'खेत बचाओ अभियान' किसानों के लिए नए अवसर प्रदान करने का प्रयास है, जहाँ संतुलित उर्वरक और जैविक खेती के फायदों पर ध्यान दिया जा रहा है।

रूद्रपुर जिला सभागार में खेत बचाओ अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर मौर्य ने किसानों से आग्रह किया कि वे खेती में संतुलित उर्वरक का उपयोग करें, ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और हमारी फसलें बेहतर हों।

संतुलित उर्वरक का महत्व

मौर्य ने बताया कि संतुलित उर्वरक का उपयोग करने से न केवल मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि यह फसल की पैदावार को भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता में कमी आती है, इसलिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आवश्यक है।

जैविक खेती को बढ़ावा

खेतों में जैविक खाद का अधिक से अधिक उपयोग करने के महत्व पर बल देकर, मौर्य ने किसानों को सलाह दी कि वे गोबर और हरी खाद का प्रयोग करें। यह प्राकृतिक उर्वरक मिट्टी में जीवों की संख्या को बढ़ाता है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है।

सतत विकास की दिशा में कदम

अजय मौर्य ने यह भी कहा कि टिकाऊ कृषि के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि यदि हम अपने खेतों की देखभाल नहीं करेंगे, तो इसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। सबको मिलकर इस दिशा में सोचना होगा ताकि हमारे पर्यावरण और कृषि दोनों को सुरक्षित रखा जा सके।

इस कार्यक्रम से जोश और उत्साह का वातावरण बना, जहाँ कई किसानों ने इस पहल के महत्व को समझा और अपने अनुभव साझा किए। ऐसे अभियानों का उद्देश्य सिर्फ खेती-बाड़ी को सहेजना नहीं बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाना है।

भारतीय कृषि का भविष्य जैविक था है और यह अभियान उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसानों को सही जानकारी और संसाधन प्रदान करके, हम एक स्वस्थ और सस्टेनेबल कृषि प्रणाली की ओर बढ़ सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए, हमारे साथ जुड़े रहें। यहाँ क्लिक करें

संपर्क: टीम इंडिया टुडे, राधिका शर्मा

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