सहस्त्रधारा में डूबे व्यक्ति का शव दो किलोमीटर दूर बरामद, SDRF ने चलाया सर्च अभियान
देहरादून। सहस्त्रधारा में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर डूबे व्यक्ति का शव एसडीआरएफ ने करीब दो किलोमीटर दूर से बरामद कर लिया। मृतक की पहचान नौथ राम (50 वर्ष), निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह CCR/आपदा कंट्रोल रूम देहरादून से एसडीआरएफ को सूचना मिली कि …
सहस्त्रधारा में स्नान के दौरान डूबे व्यक्ति का शव बरामद
देहरादून। सहस्त्रधारा में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर डूबे व्यक्ति का शव एसडीआरएफ ने करीब दो किलोमीटर दूर स्थित पंडव वाला पुल के निकट से बरामद कर लिया। मृतक की पहचान 50 वर्षीय नौथ राम निवासी दिल्ली के रूप में हुई है।
कम शब्दों में कहें तो, साहसिक प्रयासों के बाद एसडीआरएफ ने एक डूबे हुए व्यक्ति का शव खोज निकाला है। जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह CCR/आपदा कंट्रोल रूम देहरादून से एसडीआरएफ को सूचित किया गया कि सहस्त्रधारा क्षेत्र में स्नान के दौरान एक व्यक्ति तेज बहाव में बह गया है।
एसडीआरएफ का तेजी से रिस्पॉन्स
जैसे ही एसडीआरएफ को सूचना मिली, उनकी टीम जो एडिशनल एसआई मनोज जोशी के नेतृत्व में थी, तत्परता से घटनास्थल की ओर रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुँचने के बाद, एसडीआरएफ के जवानों ने मृतक के परिजनों से घटना की जानकारी जुटाई और व्यक्ति की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
खोज अभियान की प्रक्रिया
एसडीआरएफ टीम ने नदी के बहाव वाले क्षेत्रों और आसपास की सभी संभावित जगहों पर निरंतर खोजबीन की। यह पूरी प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण थी लेकिन एसडीआरएफ के जवानों ने धैर्य और संयम के साथ काम किया।
शव की बरामदगी और आगे की कार्रवाई
बहुत प्रयासों के बाद, एसडीआरएफ की टीम ने लगभग दो किलोमीटर दूर पंडव वाला पुल के पास मृतक का शव बरामद किया। शव को निकालने के बाद, आवश्यक प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई के चलते डूबे व्यक्ति के शव को समय पर बरामद किया जा सका। अब पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
इस घटना ने सहस्त्रधारा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। कई बार ऐसे हादसे पर्यटकों या स्थानीय निवासियों के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं। इसलिए, स्थानीय प्राधिकरणों को चाहिए कि वह जल निकायों के आसपास सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं और स्नान करने वालों के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करें।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि प्राकृतिक जल धारा के आसपास सतर्क रहना कितना महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में, केवल एसडीआरएफ ही नहीं, बल्कि सभी लोगों को अपनी सुरक्षा और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: India Twoday
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
सादर,
टीम इंडिया टुडे (संगीता शर्मा)
What's Your Reaction?