‘हरा भरा स्वराज’ प्रतियोगिता: उत्तराखंड के प्रतिभागियों का अद्भुत प्रदर्शन
देहरादून। राजीव गांधी फाउंडेशन के तत्वावधान में राजीव गांधी स्टडी सर्किल की ओर से आयोजित अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता ‘हरा भरा स्वराज’ के प्रतिभागियों के लिए नई दिल्ली स्थित जवाहर भवन में सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की …
‘हरा भरा स्वराज’ प्रतियोगिता: उत्तराखंड के प्रतिभागियों का अद्भुत प्रदर्शन
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के प्रतिभागियों ने ‘हरा भरा स्वराज’ प्रतियोगिता में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इस अखिल भारतीय प्रतियोगिता का आयोजन राजीव गांधी फाउंडेशन ने किया था, जहां पर्यावरण संरक्षण व जलवायु परिवर्तन पर चर्चाएँ हुईं।
देहरादून। हाल ही में, राजीव गांधी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित ‘हरा भरा स्वराज’ प्रतियोगिता के अंतर्गत एक सेमिनार का आयोजन नई दिल्ली के जवाहर भवन में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से आए प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
प्रतिनिधिमंडल में उत्तराखंड का सक्रिय योगदान
कार्यक्रम में उत्तराखंड स्टूडेंट्स सेक्रेटरी सुप्रिया धस्माना के नेतृत्व में 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रतिभाग किया। इस विचार-विमर्श के दौरान राजीव गांधी फाउंडेशन के चेयरमैन और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, ट्रस्टी सुमन दुबे, विजय महाजन, प्रोफेसर सतीश राय और सौरभ राय ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।
पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने का उद्देश्य
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. चयनिका उनियाल ने ‘हरा भरा स्वराज’ अभियान के उद्देश्यों पर जोर देते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने बताया कि आज का सबसे बड़ा मुद्दा ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन है। प्रतियोगिता के दौरान देशभर के युवाओं द्वारा प्रदर्शित विचार इस बात का प्रमाण हैं कि युवा इकाई पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर और सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है।
उत्तराखंड की पर्यावरणीय विरासत
समापन सत्र का संचालन उत्तराखंड प्रदेश राजीव गांधी स्टडी सर्किल की स्टूडेंट सेक्रेटरी सुप्रिया धस्माना ने किया। उन्होंने प्रदेश की पर्यावरणीय विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की भूमि विश्वविख्यात पर्यावरणविद पद्मविभूषण सुंदरलाल बहुगुणा और चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी की है। उत्तराखंड ने प्राकृतिक आपदाओं का भीषण दंश झेला है, जिसमें 2013 की केदारनाथ आपदा प्रमुख है।
सुप्रिया ने बताया कि प्रदेश का लगभग 67 प्रतिशत क्षेत्र वन क्षेत्र है और यहाँ गंगा, यमुना एवं शारदा जैसी नदियों के साथ-साथ अनेक राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य भी हैं। ऐसे में वन, वन्यजीव, जल और भूमि के संरक्षण का महत्व उत्तराखंड की भूमि से बेहतर कोई नहीं समझ सकता।
उन्होंने वादा किया कि पर्यावरण के मुद्दों पर भविष्य में इसी तरह के कार्यकम और सेमिनार उत्तराखंड में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के युवाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने और राष्ट्रीय स्तर पर संवाद का अवसर मिल सके।
प्रतिभागियों की उपलब्धियाँ
‘हरा भरा स्वराज’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता ‘पर्यावरणीय मुद्दों पर केस स्टडी’ के तहत उत्तराखंड की उन्नति केशटवाल ने शीर्ष दस विजेताओं में स्थान बनाते हुए सातवां पुरस्कार प्राप्त किया। इसके साथ ही, पर्यावरणीय मुद्दों पर उत्कृष्ट प्रश्न पूछने वाले शीर्ष 15 प्रतिभागियों में उत्तराखंड के अटल कुमार नैथानी (ग्राफिक एरा) ने पाँचवाँ और आयुष रावत (डीएवी कॉलेज) ने सातवाँ पुरस्कार जीता।
इन प्रतिभागियों की इन उपलब्धियों को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया है और यह संकेत देते हैं कि उत्तराखंड के युवा पर्यावरण संरक्षण के प्रति कितने जागरूक हैं।
आगामी समय में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता है, जिससे उत्तराखंड के युवा अपने विचारों को और अधिक सशक्त रूप में प्रस्तुत कर सकें।
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Team India Twoday - Geeta Sharma
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