57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को मिली राहत: जानिए सभी फैसलों के बारे में

अभियोजन की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़. गिरफ्तारी शक्तियों पर अंकुश. छोटे ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए पंजीकरण आसान. नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में हुई 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों, एमएसएमई और छोटे करदाताओं को राहत देने वाले कई अहम फैसलों को …

Oct 9, 2026 - 00:27
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57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को मिली राहत: जानिए सभी फैसलों के बारे में
अभियोजन की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़. गिरफ्तारी शक्तियों पर अंकुश. छोटे ई-कॉमर्स कारोबारियों क

57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को मिली राहत: जानिए सभी फैसलों के बारे में

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कम शब्दों में कहें तो 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिसमें अभियोजन की सीमा 1 करोड़ से 5 करोड़, गिरफ्तारी शक्तियों में कमी और छोटे ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों और छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक के दौरान जीएसटी अनुपालन को सरल बनाने, छोटे कर विवादों का बोझ घटाने और कर प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उपाय किए गए।

मुख्य फैसले:

  • अभियोजन की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़.
  • गिरफ्तारी शक्तियों पर अंकुश.
  • छोटे ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए पंजीकरण आसान.

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय जीएसटी से संबंधित आपराधिक मामलों में अभियोजन की न्यूनतम सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करना था। इसके साथ ही जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्तियों को सीमित करने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य छोटे या साधारण कर मामलों में कारोबारियों पर अनावश्यक आपराधिक कार्रवाई का दबाव कम करना है।

10 हजार रुपये तक के नोटिस पर राहत

काउंसिल ने कर नोटिस और कार्रवाई के लिए समान मानक तय करने की सिफारिश की है। अब 10 हजार रुपये या उससे कम की राशि वाले नए कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे। इस सीमा के तहत लंबित नोटिस भी वापस लिए जाएंगे, जिससे छोटे कर विवादों में कमी आने की संभावना है।

ई-कॉमर्स कारोबारियों को बड़ी सुविधा

बैठक में छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। छोटे कारोबारी अब किसी भी राज्य में अलग व्यवसायिक स्थान स्थापित किए बिना अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगे। प्लेटफॉर्म के वेयरहाउस को व्यवसाय के स्थान के रूप में पंजीकृत करने की नई सुविधा से लगभग 9.5 लाख छोटे विक्रेताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

ईमानदार करदाताओं के ITC की सुरक्षा

काउंसिल ने सप्लाई चेन में किसी अन्य सप्लायर की गलती या डिफॉल्ट के कारण वास्तविक खरीदार के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को नुकसान से बचाने का फैसला किया है। यदि कोई सप्लायर टैक्स जमा नहीं करता या फर्जी ITC का मामला सामने आता है, तो नियमों के तहत योग्य और ईमानदार खरीदार का वैध ITC सुरक्षित रहेगा।

राइडर डिलीवरी सेवाओं पर टैक्स में कटौती

काउंसिल ने अनरजिस्टर्ड राइडर डिलीवरी सेवाओं पर जीएसटी दर को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कर अनुपालन की प्रक्रियाओं को और सरल बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।

1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे प्रक्रिया संबंधी सुधार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि बैठक के दौरान अधिकांश प्रक्रिया संबंधी प्रस्तावों पर सहमति बन गई है। दो प्रस्तावों पर एक समिति गठित की जाएगी, जिसे तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। मंजूर किए गए प्रक्रिया संबंधी सुधार 1 अप्रैल 2027 से लागू किए जाएंगे।

इस बैठक में जीएसटी दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया, लेकिन सरकार का ध्यान अनुपालन को सरल बनाने, कारोबारियों को राहत देने और कर व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता लाने पर है। इस प्रकार की सुधारात्मक पहल छोटे एवं मध्यम उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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सादर, टीम इंडिया टुडे - साक्षी शर्मा

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