उत्तराखंड: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एमडीडीए का भव्य योग महाकुंभ

उत्तराखंड योग की छांव में विकास का संकल्प, देहरादून एमडीडीए सिटी फॉरेस्ट पार्क बना स्वास्थ्य और प्रकृति का महाकुंभ मुख्य सचिव संग हजारों लोगों ने किया योग, प्रकृति की गोद से गूंजा स्वास्थ्य का संदेश देहरादून 21 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को वैश्विक पहचान दिलाने व जन-जन तक पहुंचाने के अभियान और मुख्यमंत्री …

Jun 22, 2026 - 00:27
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उत्तराखंड: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एमडीडीए का भव्य योग महाकुंभ
उत्तराखंड योग की छांव में विकास का संकल्प, देहरादून एमडीडीए सिटी फॉरेस्ट पार्क बना स्वास्थ्य और

उत्तराखंड: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एमडीडीए का भव्य योग महाकुंभ

कम शब्दों में कहें तो देहरादून में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हजारों लोगों ने एक साथ योग किया, जिसमें स्वास्थ्य और प्रकृति के अद्भुत संगम का अनुभव किया गया।

योग महाकुंभ

देहरादून, 21 जून। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान एवं जन-जन तक पहुंचाने के क्रम में, उत्तराखंड में देहरादून के एमडीडीए सिटी फॉरेस्ट पार्क में एक भव्य योग महाकुंभ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने विशेष रूप से शिरकत की। इस महाकुंभ में स्थानिय नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम में योग का महत्व

इस अवसर पर, प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने उल्लेख किया कि भारत की प्राचीन संस्कृति में योग की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय है, बल्कि यह समाज एवं राष्ट्र को स्वस्थ बनाने का अभियान भी है। उन्होंने बताया कि योग मानसिक शांति और सकारात्मकता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में ऐसे अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से योग के लाभ को सभी के सामने रखा गया।

योग का सामूहिक उत्सव

सुबह की ताजगी, पेड़ों की छांव, और पक्षियों की मधुर आवाजों के बीच, एक हजार से अधिक प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। प्रशिक्षकों के नेतृत्व में, सभी ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएं की। इस दौरान, लोगों ने एक साथ योग करने का संकल्प किया और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की प्रतिज्ञा की।

प्राकृतिक और सामाजिक जागरूकता

इस वर्ष का योग दिवस केवल एक औपचारिकता तक सिमित नहीं था, बल्कि यह प्राकृतिक संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता का प्रतीक भी था। एमडीडीए द्वारा ये गतिविधियाँ योग को केवल शारीरिक स्वास्थ्य का एक साधन नहीं, बल्कि प्राकृतिक संतुलन स्थापित करने का एक माध्यम बना रही हैं। इस दिन ने स्पष्ट संदेश दिया कि योग एक स्वस्थ जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा है।

कार्यक्रम में उपस्थित चलने ने एक नई प्रेरणा दी, जिसमें योग की वैज्ञानिक महत्वता को उजागर किया गया। यह भी बताया गया कि नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है और यह मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है।

सकारात्मक बदलाव का आगाज़

मुख्य सचिव बर्धन और एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने भी इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिकता की भूमि है। यहां का सांस्कृतिक धरोहर लोगों को संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने के प्रति प्रेरित करता है।

इस प्रकार, अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस ने न केवल स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का काम किया बल्कि प्रयासों को भी जोड़ने का कार्य किया। देहरादून में यह महाकुंभ एक विशेष अनुभव था जो लोगों को योग की ओर आकर्षित करने में सफल रहा।

योग, स्वास्थ्य, और प्रकृति के संगम की यह घटना निश्चित रूप से आगे भविष्य में और अधिक आयोजनों का मार्ग प्रशस्त करेगी। योग और स्वास्थ्य के प्रति समुदाय की जागरूकता को बढ़ाने के लिए इस तरह की पहलें नई ऊंचाइयों को छूने में सहायक साबित होंगी।

इस कार्यक्रम की सफलता विश्वास दिलाती है कि जब हम एक साथ मिलकर किसी उद्देश्य के लिए कार्य करते हैं, तो उसके परिणाम सकारात्मक होते हैं। सिटी फॉरेस्ट पार्क में उठे हजारों हाथों ने योग के प्रति हमारा समर्पण दिखाया।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां क्लिक करें.

टीम इंडिया टुडे - सविता शर्मा

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