उत्तराखंड: अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए, 2026 चारधाम यात्रा का आगाज़

कपाट उद्घाटनअक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री धाम में दोपहर 12:15 बजे और यमुनोत्री धाम में 12:35 बजे कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।…

Apr 20, 2026 - 00:27
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उत्तराखंड: अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए, 2026 चारधाम यात्रा का आगाज़
कपाट उद्घाटनअक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री धाम में दोपहर 12:15 बजे और यमुनोत्री धाम में 12:35 बज

अक्षय तृतीया पर गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खोले गए

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कम शब्दों में कहें तो, अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए हैं, जो चारधाम यात्रा 2026 का उद्घाटन करते हैं। यह पवित्र अवसर भक्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें हर साल लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।

कपाट उद्घाटन का कार्यक्रम

अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री धाम में दोपहर 12:15 बजे और यमुनोत्री धाम में 12:35 बजे कपाट को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोला गया। यह कार्यक्रम धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

मां गंगा और मां यमुना का उत्सव

इस अवसर पर, मां गंगा की उत्सव डोली का भैरव मंदिर से गंगोत्री में स्वागत किया गया, जबकि मां यमुना की डोली शनिदेव की अगुवाई में खरसाली से यमुनोत्री तक लाई गई। दोनों डोलियों के साथ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। यह उत्सव हर साल की तरह इस बार भी धूमधाम से मनाया गया।

चारधाम यात्रा 2026 का औपचारिक आरंभ

इस तरह से चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई है, जो हर साल देशभर से आने वाले भक्तों के लिए एक अद्वितीय अनुभव का आयोजन करती है। चारधाम यात्रा में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम शामिल होते हैं, जो हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था

राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। चूंकि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग आते हैं, इसलिए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के अनेक इंतजाम किए गए हैं।

इस साल की अपेक्षाएँ

इस वर्ष, चारधाम यात्रा से संबंधित विशेष कार्यक्रम और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को विशेष रूप से ध्यान रखना होगा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें। अधिक अपडेट के लिए यहाँ क्लिक करें.

चारधाम यात्रा न केवल भक्तों के लिए एक अवसर है, बल्कि यह पर्वतीय क्षेत्रों की संस्कृति और धार्मिकता का भी एक बड़ा परिचायक है। यह यात्रा प्रत्येक श्रद्धालु के जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

इस तरह, अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने से एक और बार यह सिद्ध होता है कि धार्मिक आस्था और परंपरा का कोई विकल्प नहीं है। हर श्रद्धालु इस यात्रा के माध्यम से अपने मन में शांति और आस्था को लेकर लौट रहा है।

संदेश: चारधाम यात्रा हर श्रद्धालु के लिए एक पवित्र अनुभव है। सभी भक्तों को यात्रा के दौरान संयम और धैर्य बनाए रखना चाहिए, ताकि वे इस अनमोल अवसर का पूरा लाभ उठा सकें।

टीम इंडिया टुडे, साक्षी शर्मा

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