उत्तराखंड में ब्रिडकुल का बड़ा घोटाला, कागजों पर चमचमा रही सड़क, धरातल पर गड्ढे

देहरादून : उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही का एक और बड़ा मामला सामने आया है। ब्रिडकुल (BRIDCUL) के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत स्वीकृत, चमोली जिले के थराली विधानसभा मे कंडवाल गाँव से कफूली मल्ला (चरण-1 एवं चरण-2) मोटर मार्ग के निर्माण में ₹16 करोड़ के भारी-भरकम बजट को […] The post ब्रिडकुल का बड़ा कारनामा, ​कागजों में चमचमा रही सड़क, धरातल पर गड्ढे और अधूरा काम, डकार गए 16 करोड़ first appeared on Vision 2020 News.

Jun 2, 2026 - 18:27
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उत्तराखंड में ब्रिडकुल का बड़ा घोटाला, कागजों पर चमचमा रही सड़क, धरातल पर गड्ढे
देहरादून : उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही का एक और बड़ा मामला सामने आया ह

उत्तराखंड में ब्रिडकुल का बड़ा घोटाला, कागजों पर चमचमा रही सड़क, धरातल पर गड्ढे

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में ब्रिडकुल के तहत अधूरा विकास कार्य और सरकारी धन की दबंगई का एक और मामला सामने आया है।

देहरादून: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही का एक और बड़ा मामला उजागर हुआ है। ब्रिडकुल (BRIDCUL) के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत चमोली जिले के थराली विधानसभा में कंडवाल गाँव से कफूली मल्ला (चरण-1 एवं चरण-2) मोटर मार्ग के निर्माण में ₹16 करोड़ के भारी-भरकम बजट को डकारने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संदर्भ में, उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने साक्ष्यों के साथ लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और ठेकेदार के बीच की सांठगांठ का पर्दाफाश किया है।

कागजों में चमचमा रही सड़क, धरातल पर गड्ढे और अधूरा काम

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, शिव प्रसाद सेमवाल ने विभागीय अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उनका कहना था, “यह सीधे-सीधे जनता के पैसे की डकैती है। मोटर मार्ग के लिए आवंटित लगभग ₹16 करोड़ का शत-प्रतिशत भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया है, लेकिन धरातल पर काम का एक छोटा हिस्सा भी दिखाई नहीं देता। पूरे मार्ग में केवल 2-3 किलोमीटर पर बेहद घटिया स्तर का पीसी कार्य किया गया है।”

सेमवाल ने यह भी आरोप लगाया कि जेई संदीप शर्मा, एई नरेश कुमार और अधिशासी अभियंता अजय कुमार पिछले 3 सालों से उच्च अधिकारियों को झूठी कंप्लीशन रिपोर्ट भेजकर गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि इन तीनों को तत्काल निलंबित किया जाए और फाइलों को सील किया जाए ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके।

अधिकारियों की उदासीनता से त्रस्त है क्षेत्र की जनता

इस घोटाले के सामाजिक प्रभाव पर चिंता जताते हुए पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल ने कहा, “ठेकेदार ने पिछले 1 साल से साइट पर काम पूरी तरह बंद कर रखा है। जब जनता संबंधित अधिकारियों को फोन करती है, तो वे फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझते। यह अधिकारियों की घोर संवेदनहीनता को प्रदर्शित करता है। हम पहाड़ की जनता को इस तरह उनके अधिकारों से वंचित नहीं होने देंगे।”

विशेष भौतिक-वित्तीय ऑडिट की मांग

पार्टी के पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल ने पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया की मांग की। उन्होंने कहा, “हमने लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे जी को पत्र लिखकर इस मामले में एक विशेष भौतिक और वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है। ठेकेदार को मिले भुगतान का मिलान साइट पर हुए वास्तविक कार्य से किया जाना चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।”

भ्रष्टाचार के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी

पार्टी के जिला सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भगवती प्रसाद गोस्वामी ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी। उनका कहना था, “अगर इस पत्र पर तत्काल संज्ञान नहीं लिया गया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी चुप नहीं बैठेगी। हम भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे और उग्र जन-आंदोलन खड़ा करेंगे।”

अंत में, यह स्पष्ट है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं के खिलाफ अब आवाज उठनी शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर कार्रवाई न होने पर इसका दुष्परिणाम जनता को भुगतना पड़ सकता है।

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लेखिका: सृष्टि मेहरा, टीम इंडिया ट्वोडे

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