उत्तराखंड में हफ्ते में एक दिन होगा नो व्हीकल डे और वर्क फ्रॉम होम का बड़ा फैसला
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें वर्क फ्रॉम को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। उत्तराखंड में हफ्ते में एक दिन होगा नो व्हीकल डे कैबिनेट बैठक में […] The post हफ्ते में एक दिन होगा नो व्हीकल डे, वर्क फ्रॉम होम को लेकर कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड में हफ्ते में एक दिन होगा नो व्हीकल डे और वर्क फ्रॉम होम का बड़ा फैसला
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ऊर्जा और ईंधन बचत के कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें वर्क फ्रॉम होम और नो व्हीकल डे का निर्णय शामिल है।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में ईंधन और ऊर्जा की बचत को ध्यान में रखते हुए कुछ अहम फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों का उद्देश्य कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन संघर्ष, और पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट के चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बढ़ते दबाव का सामना करना है।
उत्तराखंड में हफ्ते में एक दिन होगा नो व्हीकल डे
मंत्रिमंडल की बैठक में सीएम धामी ने बताया कि बढ़ती ईंधन लागत और आर्थिक दबावों को देखते हुए राज्य में हफ्ते में एक दिन "नो व्हीकल डे" घोषित किया जाएगा। इस दिन सभी लोगों को अपने वाहनों का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही, सरकारी और निजी भवनों में एयर कंडीशनर के उपयोग को भी सीमित करने के उपाय किए जाएंगे।
वर्क फ्रॉम होम की नीतियों को प्रोत्साहन
कार्यकर्ताओं और सरकारी विभागों के बीच वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया है। इसके तहत, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को घर से ही काम करने की सुविधा मिलेगी।
एक अधिकारी, एक वाहन का सिद्धांत
सरकारी कर्मचारियों के वाहन उपयोग को सीमित करने के लिए सरकार ने "एक अधिकारी, एक वाहन" नीति का अनुसरण करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत, हर अधिकारी के पास कई विभाग होने पर उन्हें एक ही वाहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहन नीति की पहल
मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए नई नीति जल्द ही लागू करने की घोषणा की। इस नीति के अंतर्गत, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशनों का विकास भी प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
सरकारी विदेश यात्राओं में कमी
सरकारी विदेश यात्राओं को सीमित करने के साथ-साथ "Visit My State" अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य में धार्मिक, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किट का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा।
जन जागरूकता अभियान
सरकार ने "मेरा भारत, मेरा योगदान" जैसे जन-जागरूकता अभियानों की शुरुआत कर स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने का निर्णय लिया है। "Make in India" के तहत सरकारी खरीद में नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
स्वच्छ ऊर्जा के लिए कदम
सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों का विस्तार करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा।
खाद्य तेल उपयोग में कमी
स्वास्थ्य लाभों को ध्यान में रखते हुए, कम तेल वाले भोजन के सेवन को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा कर उसे कम करने के प्रयास किए जाएंगे।
इन सभी initiatives का उद्देश्य राज्य में ऊर्जा और आर्थिक संतुलन को मजबूत करना है। जैसा कि मुख्यमंत्री ने कहा है, "छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से एक सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।" नागरिकों से अपेक्षा है कि वे भी इन प्रयासों में अपना योगदान दें।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया India Twoday पर जाएं।
इस समाचार की प्रस्तुति की गई है: टीम इंडिया टुडेमंगलसूत्र
What's Your Reaction?