सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा, मुख्य सचिव का सख्त आदेश
देहरादून : मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति को त्वरित और प्रभावी ट्रॉमा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिगत मा. उच्चतम न्यायालय द्वारा सभी राज्यों को जारी किए गए आदेशों के क्रम में समन्वित, प्रभावी और समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित किए जाने हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठक […] The post सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा त्वरित इलाज, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश first appeared on Vision 2020 News.
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा, मुख्य सचिव का सख्त आदेश
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। यह उचित स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो दुर्घटनाओं के घातक परिणामों को कम करने में मदद करेगा।
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सड़क दुर्घटनाओं में हादसों के शिकार व्यक्तियों को त्वरित और प्रभावी ट्रॉमा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के तहत सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठक बुलाई। इस बैठक में एक ऐसी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की रूपरेखा तैयार की गई जो समयबद्ध और प्रभावशाली हो।
क्या हैं मुख्य सचिव के निर्देश?
मुख्य सचिव ने सभी आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं को एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाइन 112 से जोड़ने के लिए तकनीकी और परिचालन संबंधी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक कार्यवाहियों को उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा और इस संबंध में आम जनता के बीच जन जागरूकता फैलाई जाएगी।
मुख्य सचिव ने गुड समेरिटन शिकायत निवारण तंत्र के लिए राज्य स्तर पर डीजी हेल्थ को नोडल अधिकारी और जनपद स्तर पर सीएमओ को नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात कही। इसके साथ ही, नियमित मासिक बैठकें आयोजित करने और उनके कार्यवृत्त को पोर्टल पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया।
सिस्टम में तकनीकी सुधार
सड़क दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी सार्वजनिक और निजी एम्बुलेंस में एआईएस-125 मानकों का पालन करने और जीपीएस/वीएलटीडी उपकरणों की स्थापना की दिशा में सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, हेल्पलाइन 112 द्वारा रियल टाइम इंटीग्रेशन करने पर जोर दिया गया है।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को ट्रॉमा रजिस्ट्री के लिए नोडल विभाग के रूप में नामित करते हुए एक राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। यह रजिस्ट्री सभी चिकित्सा संस्थानों को एकीकृत करेगी और इसे राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, पीएम राहत (PM-RAHAT) योजना के सही क्रियान्वयन पर भी बल दिया गया है।
महत्वता और प्रभाव
यह इन निर्देशों का उद्देश्य न केवल दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों की तुरंत मदद करना है, बल्कि सड़क सुरक्षा उपायों को भी मजबूत करना है। जब लोग जानते हैं कि उन्हें त्वरित और कुशल चिकित्सा सहायता मिलेगी, तो वे अधिक सतर्क रहेंगे, जो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम कर सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं में हुए ये सुधार निस्संदेह उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के लिए एक सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे। हम सभी को आशा है कि सरकार इन पहलुओं को गंभीरता से लेगी और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देगी।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, सुमन शर्मा
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