हरिद्वार में CM धामी ने सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस पर कहा- संत समाज का मार्गदर्शन हमारे लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के भूपतवाला स्थित श्री ब्रह्म निवास आश्रम में पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर…
हरिद्वार में CM धामी का महत्वपूर्ण भाषण
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के भूपतवाला स्थित श्री ब्रह्म निवास आश्रम में पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस समारोह में भाग लिया।
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सतगुरु लाल दास महाराज की शिक्षाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन आध्यात्मिकता, सत्य, सेवा और भक्ति के प्रसार के लिए समर्पित था। इससे यह स्पष्ट होता है कि संत समाज का मार्गदर्शन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय निर्माण के लिए भी प्रेरणादायक है।
धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि संतों का सानिध्य हम सभी लोगों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति का सच्चा ज्ञान संतों से ही मिलता है, और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस ज्ञान को आगे बढ़ाएं। उनके अनुसार, संत समाज ने हमेशा हमें सिखाया है कि सत्य का मार्ग अपनाने से ही हम अपने देश और समाज के उत्थान में सहायक बन सकते हैं।
समाज में संतों की भूमिका
सीएम धामी ने आगे कहा कि संत समाज का व्यवहार और शिक्षाएं न केवल आध्यात्मिक चेतना जगाते हैं, बल्कि समाज में सामंजस्य और शांति स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि राष्ट्र की निर्माण प्रक्रिया में संतों का योगदान अमूल्य है।
समारोह की विशेषताएं
इस कार्यक्रम में कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। संतों की उपस्थिति में सभी ने पूजा-अर्चना की और सतगुरु के प्रति अपनी भक्ति प्रकट की। समारोह का उद्देश्य सतगुरु के विचारों का प्रसार करना और उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना था।
मुख्यमंत्री धामी के इस भाषण ने न केवल उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया, बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया कि संत समाज हमारे जीवन की हर दिशा में मार्गदर्शन कर सकता है। आज की पूरी दुनिया में यह संदेश और भी प्रासंगिक है, क्योंकि लोग आध्यात्मिकता और समाज में संतुलन की तलाश कर रहे हैं।
इस समर्पण और श्रद्धा में, हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम सतगुरु की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें और समाज के उत्थान में योगदान दें।
आप सभी को इस विशेष अवसर पर बधाई। धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की सेवा करने का यह हमारा कर्तव्य है। इसके लिए हमें सतगुरु की शिक्षाओं का अनुसरण करना चाहिए।
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सादर, टीम इंडिया टुडे - प्रिया शर्मा
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