हरीश रावत का बड़ा बयान: कैश-ज्वैलरी बरामदगी के बाद कांग्रेस पद से हटने की पेशकश

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के पास कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी और ज्वैलरी मिलने की खबरों के बीच रावत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बरामदगी से जुड़े वास्तविक तथ्य आने वाले समय में सामने आएंगे। साथ जीना को अपना पूर्व ओएसडी बताते …

Sep 12, 2026 - 09:27
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हरीश रावत का बड़ा बयान: कैश-ज्वैलरी बरामदगी के बाद कांग्रेस पद से हटने की पेशकश
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के पास कथित तौर पर भारी म

हरेish रावत का बड़ा बयान: कैश-ज्वैलरी बरामदगी के बाद कांग्रेस पद से हटने की पेशकश

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कम शब्दों में कहें तो, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना से कैश और ज्वैलरी बरामदगी के बाद कांग्रेस में दो महत्वपूर्ण पद छोड़ने की पेशकश की है।

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के पास कथित रूप से भारी मात्रा में नकदी और ज्वैलरी मिलने की खबरों के मद्देनज़र, रावत ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि इस बरामदगी से जुड़े वास्तविक तथ्य समय के साथ सामने आएंगे। जीना को अपने पूर्व ओएसडी का उल्लेख करते हुए रावत ने उन्हें विनम्र और कर्मठ व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया। हालाँकि, अगर ग्राम सेवक भर्ती में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ या अन्य कथित गड़बड़ी के आरोप सही साबित होते हैं, तो वह इसके लिए लज्जित होंगे। इस समय वह इन आरोपों पर विश्वास नहीं करते और कांग्रेस में अपने दो पदों को छोड़ने की पेशकश की है।

नरेटिव बनाने का प्रयास: रावत की राय

हरीश रावत ने उत्तराखंड चुनाव में बढ़ते दांव को देखते हुए आरोप लगाया है कि एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें उनके एक सहयोगी के घर पर दस्तक दी गई है। उनका कहना है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष कर रही है और उनकी किसी भी गतिविधि से पार्टी का संघर्ष कमजोर नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस के दो पदों से हटने की पेशकश

रावत ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने ईष्ट देवता का स्मरण करके निर्णय लिया है कि वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं चाहिए कि उनके निर्णयों से पार्टी के संघर्ष पर कोई असर पड़े।

42 हजार से अधिक भर्तियों का दावा

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से संबंधित मामलों पर रावत ने कहा कि उनके तीन साल के कार्यकाल में 42,000 से अधिक सरकारी पदों पर भर्तियाँ हुईं। उन्होंने उल्लेख किया कि उनकी सरकार ने लोक सेवा आयोग को समय पर परीक्षाएँ कराने के लिए बाध्य किया और मेडिकल तथा शिक्षा भर्ती बोर्डों का गठन भी किया।

क्षमा का प्रस्ताव

रावत ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी 'एरर ऑफ जजमेंट' का मुद्दा सामने आता है, तो वह प्रदेश की जनता से क्षमा मांगने के लिए तैयार हैं।

प्रमाणों की मांग

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष की नियुक्ति के संबंध में रावत ने कहा कि यह नियुक्ति पूर्व सेवा रिकॉर्ड के आधार पर की गई थी। शिकायत मिलने पर उन्होंने उन्हें हटा दिया या इस्तीफा मांगा था। इस नियुक्ति पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी से भी सलाह ली गई थी।

युवाओं के भविष्य का अपमान

रावत ने कहा कि नियुक्तियों और परीक्षाओं में गड़बड़ी कहना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है। यदि कोई प्रमाण मौजूद हैं जो उनकी संलिप्तता दर्शाते हैं, तो उन्हें सीबीआई, ईडी या राज्य पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्होंने कोई गलती की है, तो वह कानून के तहत दंड स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

इस मामले में आगे की जानकारी के लिए, कृपया यहां क्लिक करें.

सादर,

टीम इंडिया टुडे - प्रियंका शर्मा

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