बद्रीनाथ विवाद: सतपाल महाराज ने किया सनसनीखेज बयान, चारधाम महापंचायत में बढ़ा रोष

रैबार डेस्क:  बद्रीनाथ धाम में आयोजित ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल’ पर विवाद थमने का नाम नहीं... The post बद्रीनाथ कार्यक्रम विवाद: सतपाल महाराज का अजीब बयान, ‘शंख में जानवर की हड्डी’, चारधाम महापंचायत में रोष appeared first on Uttarakhand Raibar.

Sep 29, 2026 - 09:27
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बद्रीनाथ विवाद: सतपाल महाराज ने किया सनसनीखेज बयान, चारधाम महापंचायत में बढ़ा रोष

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कम शब्दों में कहें तो, बद्रीनाथ धाम में आयोजित ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।

हाल ही में, उत्तराखंड के धर्मस्व और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के एक विवादास्पद बयान ने इस मामले को और तूल दे दिया है। महाराज ने आरोप लगाया है कि 'शंख में जानवरों की हड्डी का प्रयोग होता है', जो चारधाम महापंचायत में आक्रोश का कारण बना।

देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल पर विवाद

बद्रीनाथ धाम में 19-20 सितंबर को आयोजित ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल 2026’ डीजे और तेज आवाज के कार्यक्रम को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने धार्मिक मान्यताओं का उल्लंघन बताया है। कार्यक्रम के दौरान का वीडियो देखने के बाद, वहां की धार्मिक मर्यादा के परिप्रेक्ष्य में तीर्थ पुरोहितों और धार्मिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के दौरान हुई समस्याओं का ठीकरा सेना पर फोड़ दिया, जबकि चमोली के डीएम ने कार्यक्रम के लिए नोडल अफसर की तैनाती की थी।

धार्मिक परंपरा को लेकर उठे सवाल

कई धार्मिक और राजनीतिक हस्तियों ने बद्रीनाथ जैसे पवित्र धाम में संगीत और डांस वाले कार्यक्रम का आयोजन औचित्य पर सवाल उठाया है। इन संगठनों का आरोप है कि ऐसा कार्यक्रम वहां की प्राचीन परंपराओं के खिलाफ है। इसी पर निराशा जताते हुए, सतपाल महाराज ने कहा है कि बद्रीनाथ में संगीत कोई नई बात नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नारायण पर्वत पर भगवान बदरी विशाल के मंदिर में अक्सर मिलिट्री बैंड की धुनें सुनाई देती हैं, इसलिए संगीत को पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।

सतपाल महाराज का विवादास्पद बयान

महाराज ने कहा, "यह कहना सही नहीं है कि बदरीनाथ में शंख नहीं बजता। पूजा के दौरान मंदिर के अंदर शंख का उपयोग नहीं किया जाता, मगर बाहर शंख बजाया जाता है। शंख एक जानवर की हड्डी है और इसकी पूजा के भीतर प्रयोग नहीं किया जाता।" उन्होंने भगवान कृष्ण का पांचजन्य शंख और भगवान विष्णु के हाथ में शंख का हवाला दिया। उनके इस बयान पर चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव बृजेश सती ने विरोध किया और इसे 'हास्यास्पद' करार दिया।

बृजेश सती का आलोचना

बृजेश सती ने कहा कि "सतपाल महाराज का यह कहना कि शंख जानवरों की हड्डी से बना होता है, बेहद हास्यास्पद है। शायद महाराज को उम्र के इस पड़ाव में यह 'दिव्य ज्ञान' प्राप्त हुआ है।" उनका यह भी कहना था कि "बदरीनाथ में हुए विवाद से लोगों का ध्यान हटाने के लिए शंख को लेकर इस तरह का बयान दिया गया है।"

यह विवाद न केवल धार्मिक तत्वों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि इसे ध्यान में रखते हुए राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी इसे देखा जा रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद का अंतिम परिणाम क्या होगा।

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इस खबर को समाप्त करते हुए, हम यह कहेंगे कि यह मुद्दा केवल एक धार्मिक विवाद नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और उससे जुड़ी परंपराओं का भी है।

सादर, टीम इंडिया टुडे

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