उत्तराखंड में नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन स्थगित, 60 घंटे बाद टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी

रैबार डेस्क: उत्तराखंड में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर 5  महीने से नर्सिंग बेरोजगारों का... The post 60 घंटे बाद टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी, 160 दिन के धरने के बाद नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन स्थगित appeared first on Uttarakhand Raibar.

May 14, 2026 - 00:27
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उत्तराखंड में नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन स्थगित, 60 घंटे बाद टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी
रैबार डेस्क: उत्तराखंड में वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर 5  महीने से नर्सिंग बेरोजगारों का... The post 60 घ

उत्तराखंड में नर्सिंग कर्मचारियों का आंदोलन स्थगित, 60 घंटे बाद टंकी से उतरे प्रदर्शनकारी

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में नर्सिंग बेरोजगारों का 160 दिन लंबा आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है, जब प्रदर्शनकारियों को आश्वासन मिला जो उनकी मांगों को पूरा करने के लिए था।

रैबार डेस्क: पिछले पांच महीनों से उत्तराखंड में नर्सिंग बेरोजगार, वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर धरना दे रहे थे। यह आंदोलन अब स्थगित हो गया है जब कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई प्रदर्शनकारी 60 घंटे तक पानी की टंकी पर चढ़े रहे। अंततः, सरकार से मिले उचित आश्वासन के बाद सभी ने टंकी से नीचे उतरने का फैसला किया, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।

आंदोलन का कारण

नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के बैनर तले हुए इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य वर्षवार भर्ती की मांग को पूरा करना था। धरने का स्थान एकता विहार पर था, जहाँ नर्सिंग बेरोजगारों ने अधिकतम उचित विचारों की कमी के चलते अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया।

हालांकि, बीते तीन दिनों में आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया था जब प्रदर्शनकारियों ने परेड ग्राउंड की ओर बढ़ने का फैसला किया। इस दौरान, अल सुबह कई प्रदर्शनकारी सर्वे चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिसमें ज्योति रौतेला भी शामिल थीं।

सरकार की पहल

मामले की गंभीरता को समझते हुए, उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा भी धरना स्थल पर पहुंची थीं। इसके बाद सरकार ने सकारात्मक पहल की और तय किया गया कि नर्सिंग कर्मचारियों की मांगों पर जल्दी क्रियान्वयन किया जाएगा। इस आश्वासन के चलते आंदोलनकारियों ने अपनी गतिविधियों को समाप्त करने का निर्णय लिया।

आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं, लेकिन यदि भविष्य में उनकी मांगों पर कोई उतावलापन हुए तो वे फिर से मजबूती के साथ आंदोलन करेंगे।

सामाजिक समर्थन

नर्सिंग कर्मचारियों ने इस आंदोलन के दौरान उन्हें समर्थन देने वाले सभी संगठनों, साथियों, और आम जनता का आभार जताया। उन्होंने यह भी कहा कि वे युवाओं और कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी एकजुट होकर लड़ेगे।

ज्योति रौतेला का साहस

60 घंटे बाद पानी की टंकी से उतरी ज्योति

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 60 घंटे तक पानी की टंकी पर रह कर सरकार का ध्यान खींचा। मंगलवार को उन्होंने पेट्रोल छिड़कने का कदम उठाया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। अंततः, सरकार के आश्वासन मिलने के बाद सभी ने टंकी से नीचे उतरने का निर्णय लिया।

इस प्रकार, 160 दिनों से चल रहा यह आंदोलन संपन्न हुआ। हालांकि यह विधानसभा चुनावों के पहले महत्वपूर्ण समय है, यह साफ दर्शाता है कि नर्सिंग कर्मचारियों की एकता और साहस ने उन्हें सही दिशा में ले जाने में मदद की है।

अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नर्सिंग कर्मचारी जागरूक हैं और आगे भी अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो वे और भी अधिक शक्ति से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े रहेंगे।

इसके साथ ही, हमारी टीम लगातार इस प्रकार की घटनाओं पर ध्यान दे रही है और आपको सबसे अद्यतन जानकारियों के लिए India Twoday पर जाने का सुझाव देती है।

सभी जानकारी और सामयिक घटनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए, आज का लेख समाप्त होता है।

सादर,
टीम इंडिया टुडे
शिल्पा शुक्ला

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