मां ने बेटे की जीत के लिए कॉलेज में लिया दाखिला, नंगे पांव मांगे वोट - नैनीताल की दिल छू लेने वाली कहानी
रैबार डेस्क: उत्तराखंड के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव संपन्न हो चुके हैं। चुनाव में... The post बेटे को चुनाव जिताने के लिए मां ने लिया कॉलेज में लिया दाखिला, नंगे पांव मांगे वोट,जीत के बाद छलके आंसू appeared first on Uttarakhand Raibar.
मां ने बेटे की जीत के लिए कॉलेज में लिया दाखिला, नंगे पांव मांगे वोट - नैनीताल की दिल छू लेने वाली कहानी
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कम शब्दों में कहें तो, एक मां ने अपने बेटे की छात्र संघ चुनाव में जीत के लिए कॉलेज में दाखिला लेकर भावनात्मक और प्रेरणादायक कहानी जन्म दी है। यह घटना उत्तराखंड के नैनीताल से आई है, जहां बीना चौहान ने अपने बेटे भानु प्रताप चौहान के लिए संकल्पित होकर न केवल चुनावी प्रचार किया, बल्कि जीत हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाई।
नैनीताल में छात्र संघ चुनाव की कहानी
हाल ही में उत्तराखंड के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव संपन्न हुए हैं। जहां एक ओर चुनावों में हार-जीत का सिलसिला चलता है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसी कहानियाँ सामने आती हैं जो प्रेरक और भावुक होती हैं। नैनीताल के डीएसबी परिसर के चुनाव में विशेष कहानी समाने आई थी, जहां भानु प्रताप चौहान ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सफलता पाई। उन्होंने एबीवीपी के शुभम कुमार को 482 वोटों से हराते हुए 1355 वोट प्राप्त किए।
बीना चौहान की भूमिका
भानु प्रताप की सफलता के पीछे उनकी मां बीना चौहान का योगदान अहम रहा। बीना ने बेटे की छात्र संघ अध्यक्ष बनने की ख्वाहिश को पूरा करने के लिए डीएसबी परिसर में एमए पॉलिटिकल साइंस में एडमिशन लिया। उनका यह कदम न केवल शिक्षा के लिए था, बल्कि उन्होंने चुनावी रणनीति में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उनका संकल्प और मेहनत देखते हुए कोई भी यह नहीं कह सकता था कि यह केवल एक मात्र चुनावी खेल था।
बेटे के साथ खड़ी मां
बेटे के लिए समर्थन जुटाने के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रहने की वजह से मां-बेटे की यह जोड़ी चर्चा का विषय बन गई है। बीना चौहान, जो हल्द्वानी नगर निगम की पार्षद भी हैं, ने चुनाव परिणामों के बाद खुशी के आंसू बहाते हुए कहा, "मेरी आंखों से खुशी टपक रही है। जिन्होंने मेरे बेटे को बाहर वाला बताया, उनकी सोच को भानु की जीत ने बदल दिया है। हम नैनीताल के हैं, और मैं इस शहर का धन्यवाद करती हूं जो हमें इतना समर्थन दिया।"
भानु प्रताप के वादे
चुनाव जीतने के बाद भानु प्रताप ने अपने मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे परिसर में फ्री वाईफाई जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे और लाइब्रेरी में किताबों की उपलब्धता सुनिश्चत करेंगे। उनका यह वादा दर्शाता है कि वे केवल पद के लिए चुनाव नहीं लड़े बल्कि छात्रों के हित में काम करने की मंशा रखते हैं।
समर्थन की शक्ति
इस पूरे घटनाक्रम में यह कहानी केवल एक मां और बेटे की नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे परिवार और सामुदायिक समर्थन राजनीतिक चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सभी छात्रों और नागरिकों के लिए प्रेरणा देने वाली यह कहानी सच में एक मिसाल प्रस्तुत करती है।
अंत में, यह भी देखा गया है कि समाज में अगर किसी के पास दृढ़ संकल्प और ईमानदारी हो, तो उनकी मेहनत फलित हो सकती है। बीना चौहान की मेहनत और सपनों ने एक नई राह दिखाई है और नैनीताल के छात्रों को एक संदेश दिया है कि अगर हम मिलकर काम करें, तो हम सफल हो सकते हैं।
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इन सभी घटनाक्रम को देखते हुए यह स्पष्ट होता है कि अगर मन में इच्छा हो, तो मुश्किलें भी राह नहीं रोक सकती हैं।
सादर,
Team India Twoday
अंजली शर्मा
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