हर्रावाला में RTO इंस्पेक्टर की रंगीन दुनिया: रिश्वत के आरोपों की गूंज

रैबार डेस्क: देहरादून में परिवहन विभाग एक बार फिर विवादों में घिर गया है। हर्रावाला... The post रिश्वत की रसमलाई खाने पहुंचा RTO दरोगा, ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने किया दुकान में बंद, टेबल में रखी नोटों की गड्डी appeared first on Uttarakhand Raibar.

May 12, 2026 - 18:27
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हर्रावाला में RTO इंस्पेक्टर की रंगीन दुनिया: रिश्वत के आरोपों की गूंज
रैबार डेस्क: देहरादून में परिवहन विभाग एक बार फिर विवादों में घिर गया है। हर्रावाला... The post रिश्वत क

हर्रावाला में RTO इंस्पेक्टर की रंगीन दुनिया: रिश्वत के आरोपों की गूंज

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के परिवहन विभाग के एक आरटीओ इंस्पेक्टर पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों से नियमित रूप से रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद लोगों ने उसे दुकान में बंधक बना लिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

मामला देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र का है, जहां एक आरटीओ इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर शशिकांत तेंगोवाल, पर आरोप लगे हैं कि वह हर महीने ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों से पैसे वसूलते रहे हैं। सोमवार को, जब वह मासिक वसूली के लिए एक दुकान में गया, तभी ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और स्थानीय निवासियों ने स्थिति को भांपते हुए उसे घेर लिया और लगभग दो घंटे तक दुकान के अंदर बंद रखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जिससे लोगों का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित हुआ है।

मासिक वसूली की बातें

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शशिकांत तेंगोवाल साधारण तौर पर विभिन्न दुकानों से हर महीने वित्तीय वसूली करते थे। छोटी गाड़ियों के लिए वह 2000 रुपये, 6 टायर वाले ट्रकों के लिए 8000 रुपये, 10 टायर के लिए 10000 रुपये और 12 टायर के लिए 12000 रुपये तक मांगते थे। इस वसूली का सिलसिला वर्षों से चल रहा था, और उसके चलते अब तक लाखों रुपये की रकम की वसूली हो चुकी है।

घटनास्थल में हुई हलचल

सोमवार को हुई इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इंस्पेक्टर दुकान में बैठकर रसमलाई का आनंद ले रहे थे, जबकि टेबल पर रखी नोटों की गड्डी इस बात की पुष्टि करती है कि वहाँ कुछ न कुछ गड़बड़ चल रही थी। जब लोगों ने इंस्पेक्टर के इंतज़ार की भनक सुनी, तब उन्होंने उसे घेर लिया। लोगों का गुस्सा स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जब उन्होंने दुकान के बाहर एक पोस्टर भी लगाया जिसमें लिखा था, "मैं देहरादून आरटीओ हूं, बिना पैसे गाड़ियां नहीं चलने दूंगा," जिसने इस मामले को और अधिक चौंकाने वाला बना दिया।

जांच की गई पहल

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन सचिव ने आरटीओ प्रशासन को फौरन जांच कराने एवं उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। आरटीओ प्रशासन के संदीप सैनी ने बताया कि पूरी घटना की जांच की जा रही है और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने परिवहन विभाग की छवि पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है और साथ ही यह दर्शाता है कि विभाग में भ्रष्टाचार के मामले कितने गंभीर हो चुके हैं। स्थानीय लोग इस तरह की घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब किसी RTO इंस्पेक्टर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार लोगों ने अपने हक के लिए आवाज उठाने का साहस दिखाया है।

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संपादकीय टिप्पणी: ऐसी घटनाएँ हमारे समाज में भ्रष्टाचार की गहरी जड़े दर्शाती हैं। यह जरूरी है कि सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करे ताकि लोगों के विश्वास को फिर से स्थापित किया जा सके।

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लेखक द्वारा: प्रियंका शर्मा, टीम इंडिया टुडेज

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