अंकिता भंडारी के न्याय की मांग में उत्तराखंड बंद, पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतरीन प्रतिक्रिया, मैदान में सामान्य स्थिति
रैबार डेस्क: पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग और वीआईपी पर... The post अंकिता भंडारी को न्याय की मांग को लेकर उत्तराखंड बंद, पहाड़ में जबरदस्त असर, मैदान में बेअसर appeared first on Uttarakhand Raibar.
अंकिता भंडारी के न्याय की मांग में उत्तराखंड बंद, पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतरीन प्रतिक्रिया, मैदान में सामान्य स्थिति
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कम शब्दों में कहें तो, अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग के समर्थन में उत्तराखंड में बंद का आयोजन किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में इस बंद का व्यापक असर देखा गया, लेकिन मैदान में हालात सामान्य रहे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की पृष्ठभूमि
उत्तराखंड की पहाड़ी क्षेत्र की बेटी अंकिता भंडारी के हत्याकांड ने राज्य की जनता में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और छात्र निकायों ने आज इसे लेकर राज्यभर में बंद का ऐलान किया। इसके पीछे मुख्य मांग यह थी कि अंकिता को जल्द से जल्द न्याय मिले और इसके साथ ही वीआईपी पर भी सख्त एक्शन लिया जाए। विभिन्न क्षेत्रों में इस आंदोलन का असर देखने को मिला।
पौड़ी का प्रदर्शन
रविवार को पौड़ी जिले के श्रीनगर, पौड़ी और कोटद्वार सहित कई स्थानों पर लोगों ने “पहाड़ की बेटी को न्याय दो” के नारे लगाते हुए बैनर और तख्तियाँ हाथ में लेकर पैदल मार्च किया। इन बाजारों में पूर्णत: दुकानों को बंद रखा गया और सन्नाटा पसर गया। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना आक्रोश व्यक्त किया। इन क्षेत्रों में दुकानों की अनुपस्थिति ने ठंडे मौसम में भी जनभावनाओं को प्रकट किया।
टिहरी और अल्मोड़ा में बंद का प्रभावी असर
टिहरी जिले के क्षेत्रों, जैसे नई टिहरी, चंबा, और नरेंद्रनगर में भी दुकानों के बंद रहने की सूचना मिली। अल्मोड़ा में भी दोपहर तक अधिकतर दुकानें बंद रही। भिकियासैंण जैसे स्थानों पर बाजार पूरी तरह से बंद रहा। जहां पहाड़ियों में गुस्सा और आक्रोश प्रकट हुआ, वहीं मैदान में स्थिति कुछ अलग थी।
ऋषिकेश में प्रदर्शन का जोर
ऋषिकेश में भी बंद का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला। यहां अधिकांश बाजार सुबह से ही बंद रहे, लेकिन दोपहर बाद कुछ स्थानों पर दुकानें खुलने लगीं। प्रदर्शनकारी लगातार न्याय की मांग करते रहे।
देहरादून और अन्य मैदानी इलाकों की स्थिति
हालांकि, देहरादून जैसे मैदानी क्षेत्रों में बंद का असर बहुत कम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद व्यापारियों ने बंद का विरोध किया। व्यापारियों ने स्वेच्छा से दुकानें खोलने का निर्णय लिया और अधिकांश दुकानें खुली रहीं। यहाँ किसी प्रकार की जबरदस्ती की स्थिति नहीं देखी गई।
हरिद्वार, रुद्रपुर, हल्द्वानी और खटीमा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी बंद का असर नगण्य रहा और यहाँ सामान्य रूप से बाजार खुले रहे।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग के समर्थन में आयोजित किया गया यह बंद पहाड़ी क्षेत्रों में मजबूती के साथ प्रकट हुआ। जो लोग न्याय की उम्मीद में सड़कों पर उतरे, उनके इस प्रयास ने कई सवाल उठाए हैं। राज्य सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि वह जल्द से जल्द इस मामले को सुलझाए और सच्चाई को सामने लाए। इस मुद्दे की तात्कालिकता को देखते हुए जरूरी है कि न्याय का तंत्र सही रूप से कार्य करे।
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Team India Twoday, आस्था शर्मा
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