अवसादजनक घटना: उत्तराखंड में भालू के हमले में दंपत्ति की जान, पति की मौत, पत्नी को एम्स रेफर
रैबार डेस्क: उत्तराखंड में जंगली जानवरों के आतंक से निर्दोष लोगों की मौत का दुखद... The post घास लेने गए दंपत्ति पर भालू ने किया हमला, पति की मौत, पत्नी को किया गया एम्स रेफर appeared first on Uttarakhand Raibar.
उत्तराखंड में दंपत्ति पर भालू ने हमला किया, पति की मौत और पत्नी गंभीर रूप से घायल
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के चमोली जिले में भालू के हमले में एक दंपत्ति पर हमला हुआ, जिसमें पति की मौत हो गई और पत्नी को गंभीर स्थिति में अस्पताल भेजा गया। यह घटना स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का कारण बनी है।
उत्तराखंड में जंगली जानवरों के आतंक का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चमोली के ज्योर्तिमठ प्रखंड के डुमुक गांव में एक दुखद घटना घटी, जहां एक दंपत्ति घास लेने जंगल गया था। इस दौरान वहां घात लगाए बैठे भालू ने उन पर हमला कर दिया, जिससे पति सुंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनकी पत्नी लीला देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची।
सूत्रों के अनुसार, यह घटना 16 अक्टूबर की सुबह हुई। सुंदर सिंह और लीला देवी पशुओं के लिए घास लेने जंगल गए थे, जहां भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। सुंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो जाने के बाद लीला देवी को गंभीर हालत में ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया।
भालू के हमलों की बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय लोगों में खौफ और आक्रोश पैदा कर दिया है। अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर ने इलाके में सघन गश्ती अभियान शुरू कर दिया है। इसके अलावा, स्थानीय समुदायों को भी वन्य जीवों से संबंधित जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
वन्य जीव संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों के साथ इंसानों का बढ़ता संपर्क एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसका मुख्य कारण जंगलों की सीमाओं में कमी और पारिस्थितिकी तंत्र का असंतुलन है। प्रदूषण और विकास परियोजनाओं के कारण इन जीवों का निवास स्थान लगातार सिकुड़ रहा है, जिससे वे इंसानों के पास आने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर हमें याद दिलाया है कि हमें अपनी सुरक्षा और पशुओं के अधिकारों का ध्यान रखना चाहिए। यह अत्यंत आवश्यक है कि हम सभी प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इसके लिए समुचित योजनाओं और शिक्षा की आवश्यकता है।
अंत में, हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हम अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहें और वन्य जीवों के साथ संतुलन बनाए रखें। स्थानीय प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि ऐसे मामलों में उचित कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसा न हो।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, सृष्टि गुप्ता
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