अवैध वसूली पर कार्रवाई: जौनसार-बावर के पटवारी का निलंबन

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर सख्त कार्रवाई की गई है। देहरादून जिले के जौनसार-बावर क्षेत्र के लाखामंडल में अवैध वसूली की…

Jan 3, 2026 - 00:27
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अवैध वसूली पर कार्रवाई: जौनसार-बावर के पटवारी का निलंबन
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ब

अवैध वसूली पर कार्रवाई: जौनसार-बावर के पटवारी का निलंबन

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत के चलते पटवारी को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत यह कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमेशा से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। पिछले कुछ समय में यह देखा गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की गति बढ़ी है। यह निलंबन भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री की नीति के तहत, सरकारी अधिकारी और कर्मचारी यदि किसी भी भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है।

कहाँ हुई यह घटना?

यह मामला देहरादून जिले के जौनसार-बावर क्षेत्र के लाखामंडल का है, जहां अवैध वसूली की गतिविधियों की शिकायत मिलने के बाद पटवारी जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। स्थानीय लोगों ने उसे अवैध वसूली करते हुए पकड़वाया था, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।

पटवारी का निलंबन

जयलाल शर्मा का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और उन्हें कालसी तहसील स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि भ्रष्टाचारी अधिकारियों को कोई छूट न मिले और उन्हें सही तरीके से अनुशासन में लाया जा सके।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जन जागरूकता

इस प्रकार के कदम से केवल अधिकारियों में डर नहीं बल्कि जन जागरूकता भी बढ़ती है। लोग अब जानते हैं कि अगर वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। यह सरकार की पारदर्शिता को भी दर्शाता है।

निष्कर्ष

जौनसार-बावर के इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी तरह से सक्रिय है और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सभी आवश्यक कदम उठा रही है। ऐसे कदम न केवल स्थानीय प्रशासन में सुधार लाते हैं, बल्कि समाज में विश्वास भी बढ़ाते हैं।

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सादर,

टीम इंडिया टुडे, प्रिया शर्मा

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