उत्तराखंड उपनलकर्मियों का आंदोलन: बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के खिलाफ उभर रहा गुस्सा
रैबार डेस्क: उत्तराखंड में उपनलकर्मियों की हड़ताल 13वें दिन भी जारी है। बेरोजगार संघ द्वारा... The post नियमितीकरण पर उपनलकर्मियों-बेरोजगार संघ में आर पार, आंदोलन कर रहे उपनलकर्मियों ने राम कंडवाल के खिलाफ की नारेबाजी appeared first on Uttarakhand Raibar.
उत्तराखंड उपनलकर्मियों का आंदोलन: बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के खिलाफ उभर रहा गुस्सा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में उपनलकर्मियों का हड़ताल 13वें दिन भी जारी है और यह मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। उपनलकर्मियों का गुस्सा बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के खिलाफ फूट पड़ा है, जिनका उनके नियमितीकरण की मांगों को खारिज करना विवाद को और बढ़ा रहा है।
रैबार डेस्क: उत्तराखंड में उपनलकर्मियों का आंदोलन अब एक बड़े मुद्दे की शक्ल ले चुका है। पिछले 13 दिनों से, 20,000 से अधिक उपनल कर्मी देहरादून के परेड ग्राउंड में नियमितीकरण और समान वेतन की मांग के लिए धरना दे रहे हैं।
हाल ही में, बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने उपनलकर्मियों की नियमितीकरण की मांग को बेबुनियादी ठहराया। उन्होंने कहा कि उपनल संगठन अपने मुख्य उद्देश्य से भटक गया है और कई सफेदपोशों ने अपने सगे संबंधियों को बैकडोर से नौकरी प्राप्त कराई है। उनका यह भी मानना है कि यदि उपनलकर्मियों का नियमितीकरण होता है, तो इससे हमारे युवा प्रतियोगियों को नुकसान पहुंचेगा।
राम कंडवाल ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में उपनल कर्मियों की नियमितीकरण में कोई मजबूत पक्ष नहीं रखा है, और बेरोजगार संघ जल्द ही इस मुद्दे पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर करेगा।
इस बीच, उपनलकर्मियों का गुस्सा बेरोजगार संघ के खिलाफ भड़क उठा है। उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल ने बेरोजगार संघ के अध्यक्ष को सलाह दी कि उन्हें अपनी कार्यप्रणाली पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में उपनल कर्मियों के नियमितीकरण का आदेश पहले ही दिया जा चुका है, ऐसे में बेरोजगार संघ कैसे इसे गैरकानूनी साबित कर सकता है।
गोदियाल ने बेरोजगार संघ पर वार करते हुए कहा कि उन्हें उपनल कर्मचारियों का अपमान करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनकी टिप्पणियां युवाओं को प्रेरित करने के बजाय निराशा पैदा कर रही हैं।
धरने के 13वें दिन उपनल कर्मचारियों ने धरना स्थल पर राम कंडवाल के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यह सब एक संकेत है कि उपनलकर्मियों के समर्पण और संघर्ष में कोई कमी नहीं आई है।
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे का क्या समाधान निकलता है और क्या सरकार इन कर्मचारियों की आवाज को सुनने के लिए तैयार होगी या नहीं।
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इस रिपोर्ट को टीम इंडिया थोडे द्वारा संपादित किया गया है।
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