उत्तराखंड कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय, स्वैच्छिक चकबंदी नीति को मिली मंजूरी, होम स्टे में 8 कमरे बनाने का अवसर
देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में ग्रामीण विकास, पर्यटन, ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों को राज्य के विकास और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कैबिनेट ने …
उत्तराखंड कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड कैबिनेट ने ग्रामीण विकास, पर्यटन, ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले किए हैं। इस बैठक में पहाड़ी क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी नीति को लागू किया गया है और होम स्टे नियमावली में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों को प्रशासनिक ढांचे को सशक्त करने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वैच्छिक चकबंदी नीति का अनुमोदन
इस बैठक में पहाड़ी क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी नीति को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि यह नीति भूमि प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने में मददगार होगी, जिससे कृषि और ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, राज्य गठन से पूर्व उत्तराखंड में कार्यरत चकबंदी कर्मचारियों के विभागीय समायोजन का निर्णय भी लिया गया है। यह कदम स्थानीय प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
होम स्टे में वृद्धि
पर्यटन क्षेत्र में नवाचार के लिए, सरकार ने होम स्टे नियमों में संशोधन करते हुए छह कमरों के स्थान पर अब आठ कमरे बनाने की अनुमति दी है। इससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि की उम्मीद है और पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। यह निर्णय स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा देने का एक उपाय है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
शिक्षा और खेल में नई नियुक्तियां
शिक्षा के क्षेत्र में, कैबिनेट ने महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, लोहाघाट में प्राचार्य सहित 16 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। यह फैसला युवा खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देने में सहायक साबित होगा। वहीं, ऊर्जा क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है जिससे राज्य के तीनों ऊर्जा निगमों में अब बाहरी विशेषज्ञों की प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।
अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों का सुधार
अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक शर्तों को मंजूरी दी है। इससे इस क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण विकास के लिए नई वित्तीय सहायता
ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करने के लिए, पंचायत भवन के निर्माण हेतु दी जाने वाली वित्तीय सहायता को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी और विकासात्मक कार्यों में तेजी आएगी।
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा में सुधार
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में 11 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है तथा Government Medical College Srinagar में कार्यरत 277 संविदा कर्मचारियों को “समान कार्य के लिए समान वेतन” देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है।
ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा
इसके अलावा, राज्य में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लघु जल विद्युत परियोजनाओं से संबंधित नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। यह कदम न केवल ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि में सहायक होगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल विकास की दिशा में भी एक सकारात्मक प्रयास है।
इन सभी फैसलों से यह साफ है कि उत्तराखंड सरकार राज्य में विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। कैबिनेट के ये निर्णय राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सुधार लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, सुमन शर्मा
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