उत्तराखंड कैबिनेट के लिए महत्वपूर्ण फैसले: मदरसों का अनुदान स्थगित, राफ्टिंग नीति में बदलाव
रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आहूत मंत्रिमंडल की बैठक में अहम... The post मदरसों का अनुदान खत्म, राफ्टिंग की नीति में होगा संशोधन, जानिए धामी कैबिनेट के बड़े फैसले appeared first on Uttarakhand Raibar.
उत्तराखंड कैबिनेट के लिए महत्वपूर्ण फैसले: मदरसों का अनुदान स्थगित, राफ्टिंग नीति में बदलाव
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिनमें मदरसों के अनुदान का समापन और रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग नीति में संशोधन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आहूत मंत्रिमंडल की बैठक में 10 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा की गई, जिसमें से कुछ प्रमुख प्रस्ताव निम्नलिखित हैं। इन प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास और सुरक्षा संबंधित मसलों पर ध्यान केंद्रित करना है।
मदरसों का अनुदान खत्म
बैठक में बताया गया कि उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को मिलने वाला अनुदान समाप्त कर दिया जाएगा। इससे राज्य के शिक्षा बजट में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा और शिक्षण प्रणाली में एक नया दिशा मिलेगा।
रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग नियमावली में संशोधन
पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई है। इस संशोधन के माध्यम से, रिवर राफ्टिंग के अनुभव को सुरक्षित और संरक्षित बनाने का प्रयास किया जाएगा।
अन्य कैबिनेट फैसले
कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए हैं:
- नन्ही परी संस्थान पिथौरागढ़ के लिए तीन हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव पास हुआ।
- प्रौद्योगिकी विवि के इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि भी तकनीकी शिक्षा विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।
- पीएम पोषण योजना के तहत अक्षय पात्र फाउंडेशन श्रीनगर में स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील प्रदान करेगा।
- कुंभ मेले के ऑडिट के लिए वरिष्ठ लेखाधिकारी और अधिशासी अभियंता के लिए दो नए पद सृजित किए गए हैं।
- ऑडिट प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा और इसके सशक्तिकरण के लिए चार नए पदों का गठन होगा।
- विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए भी सहसपुर में नए पदों का सृजन किया जाएगा।
- बापूग्राम वन भूमि के मामले पर चर्चा हुई, जिसमें निर्णय लेने के लिए मुख्य सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्य सचिव इस प्रस्ताव को तैयार करके केंद्र सरकार को भेजेंगे, ताकि भूमि अधिकारों के विषय में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
निष्कर्ष
उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में लिए गए ये फैसले न केवल राज्य की शिक्षा नीतियों और पर्यटन के क्षेत्र में परिवर्तन लाएंगे, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ाएंगे। इस प्रकार के निर्णय हमेशा जनहित में होते हैं और राज्य के विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
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टीम इंडिया टुडे, राधिका शर्मा
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