उत्तराखंड ने प्राप्त की पूर्ण साक्षरता, राज्यपाल ने की आधिकारिक घोषणा

देहरादून: उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्ण साक्षर राज्य बनने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और केंद्र सरकार के उल्लास (ULLAS) कार्यक्रम के निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित […] The post उत्तराखंड बना पूर्ण साक्षर राज्य, राज्यपाल ने दी आधिकारिक मंजूरी first appeared on Vision 2020 News.

Jul 9, 2026 - 00:27
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उत्तराखंड ने प्राप्त की पूर्ण साक्षरता, राज्यपाल ने की आधिकारिक घोषणा
देहरादून: उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्ण साक्षर राज्य बनन

उत्तराखंड ने प्राप्त की पूर्ण साक्षरता, राज्यपाल ने की आधिकारिक घोषणा

देहरादून: उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करते हुए पूर्ण साक्षर राज्य बनने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और केंद्र सरकार के उल्लास (ULLAS) कार्यक्रम के निर्धारित मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित किया है।

शिक्षा मंत्री का बयान

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश की साक्षरता दर अब 98 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। यह उपलब्धि केंद्र सरकार के ULLAS अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के बाद प्राप्त की गई है, जो "Understanding Lifelong Learning for All in Society" पर आधारित है।

उत्तराखंड का नया दर्जा

इस उपलब्धि के साथ, उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल किया है। इससे पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे राज्यों ने यह उपलब्धि हासिल की थी। उत्तराखंड की यह सफलता शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की सामूहिक मेहनत, जनभागीदारी और वयस्क शिक्षा को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों की पहचान है।

शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा

उत्तराखंड सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, जो न केवल पाठ्यक्रम सुधार पर केंद्रित हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और व्यस्क शिक्षा के माध्यम से साक्षरता को बढ़ावा देने का भी प्रयास कर रही हैं। इससे यह दावा किया जा सकता है कि इस राज्य के जनसाधारण को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया गया है।

शिक्षा का महत्व

शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास के लिए नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। साक्षरता दर में सुधार से न केवल नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि यह देश के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। जब नागरिक साक्षर होते हैं, तो वे अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

उत्तराखंड की भविष्य की योजनाएं

राज्य सरकार ने आगे बढ़ते हुए अपनी योजनाओं में समग्र शिक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने का निर्णय लिया है। आने वाले समय में, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे। जिससे कि युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर कौशल प्रदान कर सकें। इसके साथ ही, डिजिटल शिक्षा के माध्यम से भी साक्षरता दर में सुधार लाने की योजना है।

उपसंहार

उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य बनना न केवल एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे देश के लिए शिक्षा के प्रति समर्पण प्रदर्शित करता है। यह राज्य के नागरिकों की शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रमाण है और अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा भी बन सकता है। इससे यह भी स्थापित होता है कि जब सरकार, समुदाय और नागरिक एक साथ मिलकर काम करते हैं, तब धारणीय विकास संभव है।

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल किया है। अब यह देश के छठे पूर्ण साक्षर राज्य के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। इसके साथ, राज्य के विकास में शिक्षा का योगदान सुनिश्चित होगा।

इस अद्वितीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए, यह उम्मीद की जा रही है कि अन्य राज्य भी उत्तराखंड के इस मॉडल को अपनाकर अपनी साक्षरता दर बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे।

इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट [India Twoday](https://indiatwoday.com) पर जाएं।

— टीम इंडिया टुडे, सुनीता शर्मा

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