कार्बेट टाइगर रिजर्व: कालागढ़ में सफल रहे 2026 के वन आरक्षी प्रशिक्षण का दीक्षान्त समारोह, टॉपर रहे अनिल चंद्र शाह
कालागढ़ में वन आरक्षी प्रशिक्षण 2026 का दीक्षान्त समारोहआज दिनांक 06 जुलाई 2026 को कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र, कालागढ़ में वन आरक्षी प्रशिक्षण, वर्ष-2026 (प्रथम-सत्र) के 25 वन आरक्षियों का…
कार्बेट टाइगर रिजर्व में वन आरक्षियों का दीक्षान्त समारोह संपन्न
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कम शब्दों में कहें तो, आज दिनांक 06 जुलाई 2026 को कालागढ़ में आयोजित वन आरक्षी प्रशिक्षण 2026 के दीक्षान्त समारोह में 25 प्रशिक्षुओं ने सफलता प्राप्त की, जिसमें अनिल चंद्र शाह ने टॉप किया।
भव्य समारोह का आयोजन
आज, 06 जुलाई 2026 को कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र, कालागढ़ में वन आरक्षी प्रशिक्षण वर्ष-2026 के प्रथम सत्र का दीक्षान्त समारोह पूरी शान के साथ आयोजित किया गया। इस समारोह में 25 प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिन्होंने अपने कठिन परिश्रम और समर्पण के परिणामस्वरूप अपनी डिग्री प्राप्त की। इस वीडियो फॉरम में यह बात भी उल्लेखनीय रही कि इसमें भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षु पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
मुख्य अतिथि का संबोधन
इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि कार्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर (नैनीताल) के फील्ड डायरेक्टर डॉ० साकेत बडोला रहे। उन्होंने प्रातः 09:30 बजे खेल मैदान में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया और सभी नए आरक्षियों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। डॉ० बडोला ने अपने संबोधन में कहा, "आज का यह समारोह केवल आपके लिए नहीं, बल्कि हमारे प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एक बड़ी जीत है। आप सभी आगे बढ़कर वन की सुरक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।"
अनिल चंद्र शाह का उत्कृष्ट प्रदर्शन
कॉलेज के इस सत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अनिल चंद्र शाह ने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, "मुझे गर्व है कि मैंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनकर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अपना योगदान दिया है। मैं अपने सभी प्रशिक्षकों और सहपाठियों को धन्यवाद देना चाहता हूँ।" अनिल का यह संघर्ष और सफलता सभी प्रशिक्षुओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी है।
वन आरक्षियों का महत्व
वन आरक्षियों की भूमिका केवल वन्यजीवों के संरक्षण तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देते हैं। उनकी जिम्मेदारी होती है कि वे जंगलों में मानव गतिविधियों पर नज़र रखें और वनों की जैव विविधता को सुरक्षित रखें। ऐसे में 2026 में प्रशिक्षण प्राप्त करना और उसके बाद अच्छी तरह से कार्य करना उनके करियर की शुरुआत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
समारोह का समापन
यह समारोह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक उत्सव है। सभी नए वन आरक्षियों के लिए यह एक नया आरंभ है जो उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनकी मेहनत और साहस ही हमें वन्यजीवों की रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है।
इस मौके पर सभी प्रशिक्षुओं को उनके प्रमाणपत्र दिए गए और एक छोटे से सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। समारोह के अंत में डॉ० बडोला ने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि उनका कार्य केवल वन्यजीवों की रक्षा करना नहीं बल्कि हमारे भविष्य के लिए हरित वातावरण का निर्माण करना है।
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यह समारोह सभी के लिए प्रेरणा स्रोत बना और सभी ने एक नई ऊर्जा के साथ अपने कार्य की शुरुआत की।
– टीम इंडिया टुडे (साक्षी शर्मा)
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