गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग: किसानों ने डोईवाला में किया जोरदार प्रदर्शन, स्मार्ट मीटर का किया विरोध
देहरादून : डोईवाला तहसील मुख्यालय पर अखिल भारतीय किसान सभा से जुड़े किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए स्मार्ट मीटर का विरोध करते हुए गन्ना मूल्य बढ़ोतरी के लिए डोईवाला उप जिलाधिकारी अपर्णा ढोंढीयाल के माध्यम से उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए मांग करी की सरकार जन विरोधी नीतियों में तुरंत बदलाव करें अन्यथा किसान […] The post गन्ना मूल्य बढ़ाने को तहसील मुख्यालय पर गरजे किसान, स्मार्ट मीटर का भी किया विरोध first appeared on Vision 2020 News.
गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग: किसानों ने डोईवाला में किया जोरदार प्रदर्शन, स्मार्ट मीटर का किया विरोध
देहरादून: देहरादून जिले के डोईवाला तहसील मुख्यालय पर अखिल भारतीय किसान सभा से जुड़े किसानों ने आज एक जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ आवाज उठाते हुए गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की मांग की। इस दौरान, डोईवाला के उप जिलाधिकारी अपर्णा ढोंढीयाल के माध्यम से उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन सौंपा गया। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि सरकार जन विरोधी नीतियों में तुरंत बदलाव नहीं करती है, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
कम शब्दों में कहें तो, गन्ना किसानों ने अपनी समस्याओं को उजागर करने के लिए सरकार के खिलाफ खड़े होकर आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में घटित हो रही समस्याएँ न केवल उनकी आजीविका को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा संकट बन सकता है।
किसानों की चिंताएं और मांगें
किसानों ने आरोप लगाया कि आज के समय में उन्हें खाद की उपलब्धता नहीं हो पा रही है और बिजली संकट भी उनके सामने है। यह सभी कारक मिलकर उनकी फसलों को उचित दाम नहीं दिला रहे हैं। गन्ना, जो डोईवाला के किसानों के लिए जीवनदायिनी फसल मानी जाती है, इस समय संकट में है। किसानों ने बताया कि समय पर गन्ने का भुगतान न होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
राजनीति में समर्थन
कांग्रेस नेता मोहित उनियाल ने भी इस प्रदर्शन में किसानों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले से ही स्मार्ट मीटर का विरोध करती रही है और यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। उनके अनुसार, किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता है ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।
स्मार्ट मीटर का विवाद
किसान, स्मार्ट मीटर को लेकर भी चिंतित हैं। उनका मानना है कि यह मीटर उनके लिए एक अतिरिक्त वित्तीय बोझ होगा। स्मार्ट मीटर के लागू होने से बिजली की लागत में वृद्धि होने की संभावना है, जो कि पहले ही संकट में चल रहे किसानों के लिए और भी अधिक परेशानी खड़ी करेगी।
किसानों का यह आंदोलन केवल गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकारों और मानवीय गरिमा की रक्षा की बात भी है। उनके संघर्ष में सभी किसान एकजुट हैं और वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनकी आवाज को सुना जाए।
इस तरह के आंदोलनों के माध्यम से किसान सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके मुद्दों को नजरअंदाज करना संभव नहीं है। यह आंदोलन सरकार के लिए एक अवसर है कि वह किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके समर्थन में ठोस कदम उठाए।
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टीम इंडिया टुडे
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