मणिपुर में उग्रवादी हमले के दौरान शहीद हुए उत्तराखंड के दो वीर सपूत, मातृभूमि में शोक की लहर
रैबार डेस्क: मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों के कायराना हमले में उत्तराखंड के दो... The post मणिपुर में उग्रवादी हमले में शहीद हुए सैन्यधाम के दो वीर सपूत, उत्तराखंड में शोक की लहर appeared first on Uttarakhand Raibar.
मणिपुर में उग्रवादी हमले के दौरान शहीद हुए उत्तराखंड के दो वीर सपूत, मातृभूमि में शोक की लहर
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कम शब्दों में कहें तो मणिपुर के उखरुल जिले में हुए एक कायराना उग्रवादी हमले में उत्तराखंड के दो जवान शहीद हो गए हैं। समस्त प्रदेश में उनके बलिदान से शोक की लहर छा गई है।
शहीदों की पहचान
हमले में शहीद हुए सैनिक हैं पौड़ी गढ़वाल के हवलदार (जीडी) चंद्रमोहन सिंह और अल्मोड़ा के वारंट ऑफिसर (जीडी) बलवंत सिंह. दोनों ही जवान मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। इस हमले ने न केवल उनके परिवारों को बल्कि पूरे उत्तराखंड को गहरे दुख में डाल दिया है।
हमीसक्रिय समय और स्थान
जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर लगभग 1:50 बजे घटित हुई। 40 असम राइफल्स का काफिला जब ड्यूटी पूरी कर शांगशाक बटालियन मुख्यालय लौट रहा था, तभी नुंगशांग कोंग के पास संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर अत्याधुनिक हथियारों और आईईडी से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों जवान शहीद हो गए।
सुरक्षा जांच और कार्रवाई
हमले के तुरंत बाद, सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। मणिपुर पुलिस ने भी इस घटना की गंभीरता को समझते हुए कार्रवाई की।
शहीदों के अंतिम संस्कार की तैयारी
मणिपुर पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, दोनों शहीदों का पोस्टमॉर्टम उखरुल में किया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर उनके पार्थिव शरीर को सेना के हवाले कर दिया गया है। उन्हें सेना के हेलिकॉप्टर द्वारा उत्तराखंड भेजा जा रहा है, जहां उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांवों में अंतिम विदाई दी जाएगी।
शहीदों के परिवारों पर दुख का पहाड़
इस घटना ने शहीद हवलदार चंद्रमोहन सिंह के परिवार को गहरा आघात पहुँचाया है। उनके पिता गोविंद सिंह का 2 मई को निधन हुआ था। पारिवारिक कृत्यकार्य पूरा करने के बाद चंद्रमोहन सिंह 3 जुलाई को ड्यूटी पर लौटे थे और मात्र तीन दिन बाद देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। उनके परिवार में पत्नी मंजू देवी, एक बेटा और दो बेटियां हैं।
गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड आज अपने दो वीर बेटों को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है। उनके सर्वोच्च बलिदान का स्मरण सदैव देशवासियों के लिए साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बना रहेगा।
इसके अलावा, इस घटना के चलते राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। उत्तराखंड आज अपने वीर सपूतों के बलिदान को सलाम करता है।
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सादर, टीम इंडिया टुडे, प्रिया शर्मा
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