उत्तराखंड में नई EV नीति और ऋषिकेश में कैंसर संस्थान, जानें कैबिनेट के ताजा फैसले
रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट बैठक हुई। इस... The post ऋषिकेश में खुलेगा कैंसर इंस्टीट्यूट, उत्तराखंड में बनेगी नई EV-Policy, जानिए कैबिनेट के बड़े फैसले appeared first on Uttarakhand Raibar.
उत्तराखंड में नई EV नीति और ऋषिकेश में कैंसर संस्थान, जानें कैबिनेट के ताजा फैसले
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने अपनी हालिया कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य, सहकारिता और परिवहन विभाग से संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इन फैसलों में ऋषिकेश में कैंसर संस्थान की स्थापना और नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति का निर्माण शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई इस कैबिनेट बैठक में कुल 17 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक ने स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की, जिसमें कैंसर संस्थान के लिए अंत्योदय फाउंडेशन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस संस्थान के लिए स्टांप ड्यूटी में छूट का प्रावधान भी किया गया है।
ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना
ऋषिकेश में प्रस्तावित कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्य में कैंसर के मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस संस्थान से न केवल उपचार में सुविधा होगी, बल्कि कैंसर के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का काम भी होगा।
स्वास्थ्य विभाग में सुधार की दिशा
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई अन्य प्रस्तावों को भी कैबिनेट से स्वीकृति मिली है। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकी संवर्ग को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन का गठन किया गया है जो दवाइयों, सर्जिकल सामग्री और आवश्यक रसायनों की खरीदी का प्रबंधन करेगा। यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति का निर्माण
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को देश के विभिन्न राज्यों में लागू की गई इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का अध्ययन करके उत्तराखंड के लिए नई EV नीति तैयार करने का निर्देश दिया है। यह नीति राज्य की जलवायु, परिवहन जरूरतों और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बनाई जाएगी। इस नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उपाय योजनाबद्ध किए जाएंगे।
हाइब्रिड वाहनों पर राहत खत्म
बैठक में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी दी गई। इसके तहत यह निर्णय लिया गया है कि CNG वाहनों को मिलने वाली ग्रीन सेस में छूट जारी रहेगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों पर दी जा रही राहत को वापस ले लिया जाएगा। इससे साफ है कि राज्य सरकार पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रही है।
उपनलकर्मियों के वेतन में वृद्धि
कैबिनेट ने उपनल कर्मियों के वेतन संबंधी भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उपनल कर्मियों को समान वेतन, समान कार्य का लाभ तीन चरणों में दिया जाएगा। इसके तहत, एक जनवरी 2016 से सभी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलेगा। यह कदम उनके कार्यसंस्कृति में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगा।
अग्निवीरों के लिए नया प्रकोष्ठ
बैठक में 4 वर्षों की सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ बनाने का निर्णय लिया गया है। इस प्रकोष्ठ की स्थापना कैंप में आवंटित 6 पदों के लिए मंजूरी दी गई है, जिससे अग्निवीरों की सेवाओं का लाभ बेहतर तरीके से उठाया जा सकेगा।
सहकारिता नीति का सुधार
कैबिनेट ने केंद्र की राष्ट्रीय सहकारी नीति 2026 के अनुरूप उत्तराखंड की नई सहकारिता नीति को भी मंजूरी दी है। इस नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करना और उन्हें अधिक संगठित करना है।
NCDC के लिए जमीन का आवंटन
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के लिए हरिद्वार में एक एकड़ जमीन का आवंटन भी कैबिनेट ने मंजूर किया। इसके साथ ही कारापाल सेवा नियमावली को भी स्वीकृति मिली है, जो राज्य में स्वास्थ्य आईरों को और सुदृढ़ करेगा।
लोकायुक्त व्यवस्था में संशोधन
उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई। इस कदम से भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य की लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।
कर्मचारियों का समायोजन और मलिन बस्तियों में राहत
कैबिनेट ने उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी है, जिससे कर्मचारियों के समायोजन का कार्य और सुगम होगा। इसके अलावा, देहरादून के रिस्पना नदी किनारे काठबंगला में बने 116 आवासों से जुड़े मामले में सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब इन आवासों में रहने वाले मलिन बस्ती के लोगों से 10 फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
शहरी विकास के लिए योजनाएँ
शहरों में बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए पेयजल और सीवरेज कार्यों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे शहरी विकास को नई गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।
अडाणी ग्रुप को पावर प्लांट का आवंटन
अंत में, यूपीसीएल की ओर से 1320 मेगावाट कोयला आधारित पावर प्लांट को न्यूनतम बोली पर 25 साल के लिए अडाणी समूह को दिया गया है। इससे राज्य के ऊर्जा संकुल में स्पष्ट रूप से वृद्धि होगी।
ये सभी निर्णय उत्तराखंड राज्य के विकास के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करते हैं और सरकार की विकासात्मक सोच को दर्शाते हैं। आगे बढ़ते हुए हमें उम्मीद है कि ये फैसले वास्तविक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
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सादर, टीम इंडिया टुडे - साक्षी शर्मा
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