संस्कृत सप्ताह का आगाज़: राज्यपाल से संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार की मुलाकात
इंडोनेशिया, नेपाल और थाईलैंड के राजदूतों से मुलाकात तथा पुणे-मुंबई के संस्कृत संस्थानों के भ्रमण की दी जानकारी। देहरादून। संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ से पूर्व संस्कृत शिक्षा सचिव, उत्तराखंड शासन दीपक कुमार ने राज्यपाल से भेंट कर विभागीय गतिविधियों और संस्कृत के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी …
संस्कृत सप्ताह का आगाज़: राज्यपाल से संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार की मुलाकात
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने राज्यपाल से मिलकर संस्कृत सप्ताह के आयोजन और विभाग के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की जानकारी साझा की।
देहरादून: संस्कृत सप्ताह के आरंभ से पहले, उत्तराखंड के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विभाग की गतिविधियों और संस्कृत के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के प्रयासों के बारे में जानकारी प्रस्तुत की।
- इंडोनेशिया, नेपाल और थाईलैंड के राजदूतों से मुलाकात तथा पुणे-मुंबई के संस्कृत संस्थानों का दौरा।
दीपक कुमार ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में उन्होंने इंडोनेशिया, नेपाल और थाईलैंड के राजदूतों के साथ बैठकें की हैं। साथ ही, पुणे और मुंबई के प्रमुख संस्कृत संस्थानों का भी दौरा किया गया। इन मुलाकातों के दौरान, संस्कृत शिक्षा, शोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी बढ़ती लोकप्रियता के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।
राज्यपाल ने दीपक कुमार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत के प्रचार-प्रसार और संस्थानों के बीच समन्वय बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि इन मुलाकातों को संस्थागत रूप देने की जरूरत है ताकि संस्कृत शिक्षा और अनुसंधान में सहयोग बढ़ाया जा सके।
संस्कृत सप्ताह का आयोजन: 25 से 31 अगस्त
उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा विभाग इस वर्ष विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर 25 अगस्त से 31 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन कर रहा है। यह विश्व संस्कृत दिवस श्रावण पूर्णिमा, यानी रक्षाबंधन के दिन मनाया जाएगा।
इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, अध्ययन-अध्यापन और सांस्कृतिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। संस्कृत भाषा और संस्कृति को आम लोगों के बीच बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
पहली बार संस्कृत मास का आयोजन
इस वर्ष, उत्तराखंड संस्कृत संस्थान ने संस्कृत सप्ताह के साथ-साथ संस्कृत मास का आयोजन करने का निर्णय लिया है। यह आयोजन श्रावण पूर्णिमा से लेकर भाद्रपद पूर्णिमा तक चलेगा। इस अवधि में संस्कृत की संस्कृति और भाषा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में संस्कृत के प्रचार-प्रसार पर ज़ोर दिया जाएगा।
संस्कृत शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य संस्कृत को केवल शैक्षणिक विषय तक सीमित न रखकर इसे भारतीय संस्कृति, परंपरा, ज्ञान-विज्ञान और वैश्विक स्तर पर संवाद की एक प्रभावी भाषा के रूप में स्थापित करना है।
संस्कृत सप्ताह और संस्कृत मास के माध्यम से, विभाग ने यह संकल्प लिया है कि वह संस्कृत की महत्ता को समझाने और उसे संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए कर्मठ प्रयास करेगा।
संस्कृत से जुड़ी गतिविधियों और आयोजनों के बारे में ताज़ा अपडेट पाने के लिए, कृपया India Twoday पर जाएँ।
सादर,
टीम इंडिया टुडे - राधिका शर्मा
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