उत्तराखंड रजत जयंती: प्रधानमंत्री मोदी ने साझा की 25 वर्षों की उपलब्धियों की गाथा
रजत जयंती में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। पीएम मोदी ने गढ़वाली से अपने संबोधन की शुरूआत की। उन्होंने गढ़वाली में प्रदेश के लोगों को नमस्कार किया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन की शुरूआत में पीएम ने कहा कि 9 नवंबर का दिन लंबी तपस्या का फल है। उत्तराखंड रजत जयंती : […] The post उत्तराखंड रजत जयंती : प्रधानमंत्री ने गिनवाई 25 सालों की उपलब्धियां, पढ़ें भाषण की बड़ी बातें first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड रजत जयंती: प्रधानमंत्री मोदी ने साझा की 25 वर्षों की उपलब्धियों की गाथा
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कम शब्दों में कहें तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की रजत जयंती पर अपने अभिभाषण में राज्य की 25 वर्षों की यात्रा और उपलब्धियों को पूरे उत्साह के साथ साझा किया।
उत्तराखंड की रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल प्रदेशवासियों का अभिनंदन किया, बल्कि उन्होंने गढ़वाली में भी अपने संबोधन की शुरूआत की। "नमस्कार!" कह कर उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी। पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन की शुरूआत में कहा कि 9 नवंबर का दिन लंबे संघर्ष और तपस्या का फल है, और इस दिन उत्तराखंड की स्थापना हुई।
उत्तराखंड रजत जयंती: प्रधानमंत्री ने गिनवाई 25 सालों की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री मोदी ने अवसर की महत्ता को पहचानते हुए राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और शहीद आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उनकी उत्तराखंड से एक विशेष संबंध है और इस दशक को उत्तराखंड का दशक मानते हैं। इसे उन्होंने 'उत्तराखंड के उत्कर्ष का कालखंड' की संज्ञा दी।
पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें
- प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरूआत गढ़वाली में की, जिसमें उन्होंने कहा, "देवभूमि उत्तराखंड का मेरे भाई बंधो, भैया भूली, आप सभी को मेरा नमस्कार।"
- हर शब्द में देश की सामाजिकता का आह्वान करते हुए, पीएम ने कहा कि देवभूमि के लोगों का सपना 25 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पूरा किया था।
- गर्भित आशा जताते हुए पीएम ने गढ़वाली में कहा, "2047 में भारत वैश्विक शक्ति होगी और मेरा उत्तराखंड इसके लिए पूरी तरह से तैयार है।"
- मोदी ने राज्य के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 25 साल पहले उत्तराखंड का बजट चार हजार करोड़ था, जो अब एक लाख करोड़ रूपये से अधिक हो गया है।
- राज्य के ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की बात करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने ऊर्जा क्षेत्र में भी चार गुना वृद्धि की है।
- सड़क परिवहन पर ध्यान देते हुए, पीएम ने कहा कि राज्य में सड़कों की लंबाई दोगुनी हो गई है और लगातार कनेक्टिविटी पर काम जारी है।
- उत्तराखंड के विकास का चित्रण करते हुए पीएम ने आश्वासन दिया कि राज्य ने विकास की नई ऊंचाइयों को छू लिया है।
- आध्यात्मिकता को रेखांकित करते हुए पीएम ने कहा कि उत्तराखंड आध्यात्मिक जीवन का केंद्र है और भविष्य में इसे 'स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ वर्ल्ड' के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
- सकारात्मक सोच का संदेश देते हुए उन्होंने कहा, "जहां चाह, वहां राह" यह असलियत को जीने का एक तरीका है।
- अंत में, पर्यटकों की बड़ी संख्या को देखते हुए उन्होंने पहाड़ी भोजन को रूपायित करने का सुझाव दिया, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटक फिर से वापस आएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी का यह भाषण उत्तराखंड की रजत जयंती पर एक नई दिशा और प्रेरणा का स्रोत है, जो प्रदेशवासियों को और भी अधिक उत्साह और संकल्पित कार्यों की ओर अग्रसर करेगा।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे - अंजली शर्मा
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