उत्तराखंड शिक्षकों ने सीधी भर्ती परीक्षा स्थगन पर आतिशबाजी से मनाया खुशी, 1 नवंबर की रैली भी स्थगित

Corbetthalchal राजकीय इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों के लिए होने वाली प्रधानाचार्य सीधी भर्ती परीक्षा निरस्त किए जाने पर शिक्षकों ने आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया।राजकीय इंटर कालेज में…

Oct 31, 2025 - 18:27
 49  501824
उत्तराखंड शिक्षकों ने सीधी भर्ती परीक्षा स्थगन पर आतिशबाजी से मनाया खुशी, 1 नवंबर की रैली भी स्थगित
Corbetthalchal राजकीय इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों के लिए होने वाली प्रधानाचार्य सीधी भर्ती परीक्षा न

सीधी भर्ती परीक्षा का स्थगन: शिक्षकों की खुशी का जश्न

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में प्रधानाचार्य सीधी भर्ती परीक्षा के स्थगन पर शिक्षकों ने आतिशबाजी कर बेहद खुशी का इजहार किया। इस अभूतपूर्व मुद्दे से जुड़ी घटनाएं समाज में व्यापक चर्चाएं पैदा कर रही हैं।

प्रस्तावना

उत्तराखंड में राजकीय इंटर कालेजों के प्रधानाचार्यों के लिए आयोजित होने वाली सीधी भर्ती परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद शिक्षकों ने जश्न मनाते हुए आतिशबाजी की। उनके चेहरे पर खुशी थी, जो एक वर्ष से अधिक समय से भर्ती परीक्षा के स्थगन की मांग कर रहे थे।

शिक्षकों का जश्न

शिक्षकों ने कालेज परिसर में आतिशबाजी और मिठाइयाँ बाँटकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस मौके पर संगठन के प्रांतीय नेता नवेंदु मठपाल ने कहा कि, "हम पिछले एक वर्ष से इस भर्ती को स्थगित करने की मांग कर रहे थे। अब जब यह स्थगित हो गई है, यह हमारी जीत है।"

मांगें और आगामी कार्यक्रम

नवेंदु मठपाल ने आगे कहा कि इस स्थगन के साथ ही आने वाले समय में इन पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि उनकी संगठन ने सभी स्तर के शिक्षकों की भलाई के लिए कई अन्य मुद्दे भी उठाए हैं।

आगे की स्थिति

इस स्थगन के साथ, 1 नवंबर को होने वाली देहरादून में आयोजित रैली भी स्थगित कर दी गई है। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। यह स्थगन उन सभी शिक्षकों के लिए बड़ी जीत है जो लंबे समय से न्याय की तलाश में थे।

भावी कार्यवाही

भर्ती परीक्षा का स्थगन निश्चित रूप से शिक्षकों के लिए खुशी की बात है, लेकिन यह अब देखना है कि प्रशासन इससे आगे क्या कदम उठाता है। उनकी मांगों को सुनना और उन पर विचार करना आवश्यक है, ताकि शिक्षकों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का समाधान भी किया जा सके।

निष्कर्ष

अंत में, उत्तराखंड के शिक्षकों ने अपनी आवाज को एकजुट कर अपने हक के लिए संघर्ष किया है। यह घटना न केवल उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा का प्रतीक है बल्कि इस बात का भी संकेत है कि एकजुटता से कठिनाइयों का सामना किया जा सकता है। हम सभी शिक्षकों को अपनी सफलता की इस नई शुरुआत के लिए बधाई देते हैं।

अधिक जानकारी के लिए, हमारे पोर्टल पर जाएं: India Twoday.

सादर, आर्या तिवारी, Team India Twoday

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow