कुमाऊं मंडल की जेल से कैदी की फरारी: सुरक्षा में बड़ा चूक, पकड़ा गया जंगल में

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मंगलवार को एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई, जब सितारगंज स्थित संपूर्णानंद शिविर केंद्रीय कारागार से एक दोष सिद्ध कैदी तड़के फरार हो गया। घटना…

Oct 21, 2025 - 18:27
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कुमाऊं मंडल की जेल से कैदी की फरारी: सुरक्षा में बड़ा चूक, पकड़ा गया जंगल में
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मंगलवार को एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई, जब सितारगंज स्थित संपूर्णा

कुमाऊं मंडल की जेल से कैदी की फरारी: सुरक्षा में बड़ा चूक, पकड़ा गया जंगल में

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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में एक दोष सिद्ध कैदी की अदृश्यता ने जेल प्रशासन को झकझोर कर रख दिया। इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

छुटा कैदी और सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के सितारगंज में स्थित संपूर्णानंद शिविर केंद्रीय कारागार से मंगलवार को एक बड़े सुरक्षा चूक का मामला सामने आया। तड़के एक दोष सिद्ध कैदी, जिसका नाम पवन सैनी है और जो बिजनौर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है, जेल से फरार हो गया।

जब जेल में गिनती की गई, तब प्रशासन ने पाया कि पवन सैनी गायब था। उसकी झोपड़ी की तलाशी ली गई, लेकिन वह उस जगह भी नहीं मिला। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में अंसतोष बढ़ गया और उन्होंने तुरंत पुलिस को अलर्ट किया।

जंगल में कैदी की खोजबीन

इसके बाद पुलिस ने निरंतरता से उसकी तलाश शुरू की। गुजरे समय के बाद, उसे जंगल में पाया गया, जब उसके पकड़े जाने में पुलिस को बहुत मेहनत करनी पड़ी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस उन परिस्थितियों पर विचार कर रही थी, जिनके तहत कैदी भागा।

जेल प्रशासन की चिंताएँ और सवाल

इस घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस मामले ने दिखा दिया है कि कुछ ऐसी खामियाँ है जो सुधार की जरूरत हैं। ऐसी घटनाओं से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ता है और समाज में अपराधियों के हौंसले बढ़ते हैं।

उपाय और भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों पर ध्यान

इस मामले के बाद जेल प्रशासन ने वचन दिया है कि वह सुरक्षा में सुधार करेंगे और आवश्यक संसाधनों का उपयोग करेंगे। साथ ही, ऐसी घटनाओं से बचने के लिए और बेहतर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

इस घटना में हुए सुरक्षा की चूक से यह स्पष्ट हो गया है कि जेलों में सुधार की आवश्यकता है और वर्तमान प्रोटोकॉल को फिर से परखने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

जेल से भागे कैदी का पकड़ा जाना निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इससे सीख लेना और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना अति आवश्यक है।

अधिक अपडेट्स के लिए, कृपया India Twodayसादर,

टीम इंडिया टुडे, सुमिता शर्मा

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