कुमारी शैलजा और धस्माना ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भर दिया नया उत्साह, जामवंत-हनुमान से जोड़कर समझाया संदेश

कोटद्वार कार्यकर्ता सम्मेलन में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, धस्माना ने शैलजा को बताया ‘जामवंत’ कोटद्वार। कोटद्वार में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में उस समय सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने अपने संबोधन में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की भूमिका को ‘जामवंत’ से जोड़ा। धस्माना …

Apr 11, 2026 - 18:27
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कुमारी शैलजा और धस्माना ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भर दिया नया उत्साह, जामवंत-हनुमान से जोड़कर समझाया संदेश
कोटद्वार कार्यकर्ता सम्मेलन में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, धस्माना ने शैलजा को बताया ‘जामवंत’

कुमारी शैलजा जगा रहीं कांग्रेस का खोया आत्मविश्वास

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कम शब्दों में कहें तो, कुमारी शैलजा ने कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने का काम किया है।

कोटद्वार में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कुमारी शैलजा की भूमिका को ‘जामवंत’ से जोड़ते हुए संबोधित किया, तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। धस्माना ने कहा कि शैलजा उत्तराखंड के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनकी भूली हुई ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराने के लिए आई हैं। उन्होंने रामायण के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह जामवंत ने हनुमान जी को उनकी शक्ति का स्मरण कराया था, ठीक उसी प्रकार कुमारी शैलजा कार्यकर्ताओं को उनकी क्षमता की याद दिला रही हैं।

शक्ति प्रदर्शन और उत्साह का क्षण

धस्माना ने आगे कहा कि “हनुमान रूपी कांग्रेस कार्यकर्ता”, आम जनता, गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के हित में अपनी पूरी शक्ति का उपयोग करेंगे। उन्होंने रामायण की प्रसिद्ध चौपाई सुनाई, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बन गया। वे यह दिखाने में सक्षम हुए कि कैसे कांग्रेस कार्यकर्ता खुद को पुनः जागृत कर सकते हैं और समाज के लिए महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।

कुमारी शैलजा का एकजुटता का संदेश

सम्मेलन में कुमारी शैलजा ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी को मिलकर जनविरोधी, युवा विरोधी, महिला विरोधी और विकास विरोधी नीतियों वाली सरकार को सत्ता से बाहर करना होगा। उन्होंने कांग्रेस के स्थायी मूल्यों को फिर से स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और सुरेंद्र सिंह नेगी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने विचार रखे। इनके विचारों ने कार्यकर्ताओं में और भी अधिक जोश भर दिया और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया।

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इस सम्मेलन ने एक नई शुरुआत का संकेत दिया है जहाँ कांग्रेस फिर से अपनी खोई हुई ताकत को पहचान सकती है। कार्यकर्ताओं का यह उत्साह न केवल पार्टी के लिए बल्कि उत्तराखंड की राजनीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।

इस प्रकार, यह सम्मेलन केवल एक शक्ति प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और उनकी अंतर्निहित क्षमताओं को उजागर करने का एक सुनहरा अवसर था।

टिप्पणीकार: सीमा शर्मा, टीम इंडिया टुडे

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